देहरादून 07 जुलाई, गढ़वाल का विकास डॉट कॉम।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा के आह्वान एवं अध्यक्षता में बीरवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय देहरादून में सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का संचालन सर्वदलीय समिति के समन्वयक सूर्यकांत धस्माना नें किया।
बैठक के दौरान प्रदेष के महत्वपूर्ण एवं जनसरोकारों से जुड़े हुए मुद्दों पर गहन चिंतन मंथन हुआ। सभी नें प्रदेष के वर्तमान परिदृष्य पर चिंता जाहिर की। सभी उपस्थित जनों का मत था की एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को लेकर सभी दलों को अग्रसर होना होगा। प्रदेष के बिगड़ते हुऐ सौहार्द एवं कम्यूनल पोलोराईजेषन को लेकर भी चिंता व्यक्त की गयी।
बैठक में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये। बैठक के दौराने सर्वदलीय समिति का गठन किया गया जिसका सर्वसम्मति से उत्तराखण्ड प्रदेष कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा को बतौर अध्यक्ष नियुक्त किया गया और निर्णय लिया गया की हर माह सर्वदलीय समिति की बैठक आहुत की जायेगी जिसमें भविश्य के ऐजेंडे एवं रणनिति पर विचार विमर्ष किया जाऐगा, आगामी बैठकों में हर दल से और अधिक लोगों को प्रतिनिधित्व देनें पर विचार हुआ साथ ही साथ ऐसे दल जो की धर्म निरपेक्षता में विष्वास रखते हों और सत्तारूढ़ दल की जनविरोधी नितियों के खिलाफ संघर्श में षामिल होना चाहते हैं ऐसे दलों/व्यक्तियों को खुले दिल से सर्वदलीय समिति नें आमंत्रित किया। समिति द्वारा लिए गये बड़े निर्णयों में ये फैसला भी लिया गया की जल्द ही महामहिम राज्यपाल महोदय से मुलाकात कर एक सर्वदलीय ज्ञापन सौंपा जाऐगा जिसमें प्रदेष के ज्वलंत मुद्दों पर महामहिम राज्यपाल से हस्तक्षेप करनें का निवेदन किया जाऐगा।
सर छुपानें के लिये एक अदद छत/घर का अधिकार सभी का है ऐसे मंे यदि सरकार गरीबों को आवास मुहैया नहीं करा पा रही है तो किसी का घर उजाड़ा भी ना जाऐ इसके तहत सर्वदलीय समिति नें यह निर्णय लिया की मलिन बस्तियों के नियमितिकरण की लड़ाई सामूहिक रूप से लड़ी जायेगी।
समिति की बैठक के दौरान इस बात पर भी चिंता व्यक्त की गयी कि सरकार की जनविरोधी नितियों के खिलाफ प्रदर्षन करनें का अधिकार विपक्षी दलों को संविधान नें दिया है लेकिन सरकार आज अपनें खिलाफ मुखर हो रही हर आवाज का दमन कर देना चाहती है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा विपक्षी दलों के प्रदर्षनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मुख्यमंत्री आवास हो या राजभवन किसी भी विपक्षी दल को कूच या घेराव करनें की अनुमति नहीं है। न्यू कैंट रोड़ में लगी धारा 144 का समिति नें पुरजोर विरोध करते हुऐ कहा की धारा 144 किसी भी क्षेत्र में स्थाई रूप से नहीं लगाई जा सकती और इस तरह का प्रतिबंध लोकतंत्र एवं अभिव्यक्ति की आजादी का खुला उलंघन है।
समिति नें राज्य की आर्थिक स्थिति, सामाजिक तानें बानें और आंतरिक सुरक्षा पर भी चर्चा की। सभी नें एक स्वर में इस बात को माना की आज देष एवं प्रदेष में अघोशित इमरजेंसी लगी हुयी है।
बुलडोजर का डर दिखाकर गरीब जनता को डराया व धमकाया जा रहा है। सभी दल के प्रमुखों नें अग्निपथ योजना को प्रदेष एवं देष के लिऐ विनाषकारी एवं आत्मघाती बताते हुऐ विरोध किया और कहा की यह योजना देष के करोड़ों करोड़ युवाओं के सपनों को रौंदनें जैसा है।
समिति के अध्यक्ष करन माहरा नें कहा कि भारत की नींव धर्मनिरपेक्षता पर टिकी हुयी है, हमें कतई अपनीं इस विचारधारा से समझौता नहीं करना है।
मंहगाई पर भी समिति नें चिंता व्यक्त करते हुऐ कहा कि आमजन का ऐजेंडा ही समिति का ऐजेंडा होगा। आज वक्त की मांग है कि सभी विपक्षी दल एकजुट होकर परेषान जनता की पीड़ा को साझा करते हुऐ सही प्लैटफॉर्म पर उठायें।
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित हुआ की धार्मिक सद्भाव के प्रति समिति दृढ़ संकल्पित रहेगी।
सर्वदलीय समिति की बैठक में प्रमुख रूप से उत्तराखण्ड प्रदेष कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एस0 सचान, सीपीआई से समर भंडारी, सीपीएम से राजेन्द्र सिंह नेगी एवं लेखराज, षंकर गोपाल, समिति के समन्वयक सूर्यकांत धस्माना, निवर्तमान गढ़वाल मंडल मीडिया प्रभारी गरिमा महरा दसौनी, निवर्तमान महामंत्री नवीन जोषी, मीडिया पैनलिस्ट अमरजीत सिंह, आदि मौजूद थे।
**************************
समाचारों के लिए इस वेबसाइट से भी जुड़े :
👉 www.newsuklive.in