देहरादून। राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक में अनिर्वाय स्थानांतरण में 10 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने पर रोष जताया गया। साथ ही मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से स्थानांतरण प्रतिशत को बढ़ाने की बढ़ाने की मांग की। रविवार को आयोजित बैठक में जिला मंत्री प्रमोद सिंह रावत ने कहा कि एक्ट लागू होने से 20 वर्षो से दुर्गम क्षेत्रों में कार्य कर रहे शिक्षकों में सुगम क्षेत्र में आने की आस जगी थी, लेकिन सरकार ने अनिवार्य स्थानांतरण में 10 प्रतिशत कोटा तय कर अरमानों पर पानी फेर दिया। कोटा तय होने से अनिवार्य स्थानांतरण के पात्र 136 में से सिर्फ 13 शिक्षकों का ही स्थानांतरण हुआ। उन्होंने कहा कि इससे अच्छा सरकार इस वर्ष को जीरो सत्र घोषित कर देती और अगले वर्ष सभी पात्र शिक्षकों को दुर्गम से सुगम में अनिवार्य स्थानांतरण करती। उन्होंने कहा कि सरकार का फैसला न्याय संगत नहीं है। पात्र शिक्षकों के लिए स्थानांतरण का कोटा बढ़ाया जाना चाहिए। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह कृषाली ने की। बैठक में विनोद लखेड़ा, सुभाष कुकरेती, राजेन्द्र गुंसाई, चन्द्रप्रकाश पाल, संदीप सोलंकी, दिवाकर सजवाण आदि ने विचार व्यक्त किये।