देहरादून। गुरू हरिकिशन साहिब के आगमन पर्व के अवसर पर गुरूद्वारा श्री हरिकिशन साहिब पटेलनगर में संगतों को बधाई देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि सिक्ख परम्परा के 8वें गुरू श्री हरिकिशन साहिब चमत्कारिक गुरू थे। केवल पांच वर्ष की आयु में सन् 1661 मे अपने पिता गुरू हरिराय के उत्तराधिकारी के रूप में वे गद्दीनसीन हुए और अपने छोटे से तीन वर्ष के जीवनकाल में उन्होंने सिक्ख पंथ के साथ-साथ समाज के लिए जो योगदान किया उससे वे हमेशा के लिए अमर हो गये। श्री प्रीतम सिंह ने कहा कि गुरू हरिकिशन साहिब के बारे में कहा जाता है कि उनको स्मरण करने मात्र से मनुष्य के कष्ट दूर हो जाते हैं।
इस अवसर पर संगतों को गुरू पर्व की बधाई देते हुए उत्तराखण्ड कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना ने कहा कि गुरू हरिकिशन राय में वो ईश्वरीय शक्ति थी जो उन्होने एक गूंगे से भगवत गीता का वाचन करवा दिया। उन्होंने दिल्ली में 1663 में पहले चेचक से न केवल लोगों को रोग मुक्त किया अपितु सेवा करते हुए अपने प्राण भी न्यौछावर कर दिये और मात्र आठ वर्ष की आयु में वे इस संसार से विदा हो गये। इस अवसर पर गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी के प्रधान जसप्रीत सिंह दुग्गल ने प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह एवं प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सूर्यकान्त धस्माना को गुरू का सरोपा भेंट कर सम्मानित किया।