कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने DGP से की मुलाकात

देहरादून। जनपद उधमंसहनगर के किच्छा में उत्तर प्रदेश सिचाई विभाग भूमि प्रकरण के मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर की गई एकतरफा पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस जनों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी से मुलाकात कर उन्हें पत्र सौंपते हुए मामले की निश्पक्ष जांच कर दोशियों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने पुलिस महानिदेशक को कहा कि जनपद उधमसिंहनगर के किच्छा में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की भूमि है, जिस पर वर्तमान में उत्तराखण्ड परिवहन निगम के किच्छा रोड़वेज का संचालन हो रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के संज्ञान मं आया कि कुछ लोगों द्वारा इस भूमि को खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा हरीश पनेरू के नेतृत्व में 25 दिसम्बर, 2017 को धरना-प्रदर्षन का ऐलान कर प्रषासन से रोड़वेज की इस भूमि का सौन्दर्यीकरण करने की मांग की गई। कांग्रेसजनों द्वारा धरना-प्रदर्षन की सूचना के उद्घोश हेतु 25 दिसम्बर, 2017 को रिक्षे का उपयोग किया जा रहा था जिस पर स्थानीय विधायक द्वारा आपत्ति करते हुए रिक्षा चालक एवं हरीश पनेरू के खिलाफ किच्छा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई जिस पर स्थानीय पुलिस द्वारा तुरन्त श्री पनेरू के खिलाफ एक पक्षीय कार्रवाइ की गई तथा उन्हें मुचलके पर छोड़ा गया। वहीं श्री हरीश पनेरू द्वारा भी स्थानीय विधायक के खिलाफ तहरीर दी गई परन्तु पुलिस द्वारा विधायक के खिलाफ दी गई तहरीर पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
प्रीतम सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्षन एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान प्रदत्त अधिकार है और किसी भी राजनैतिक दल को ऐसी घटनाओं के विरोध का अधिकार है। पुलिस द्वारा की गई एक पक्षीय कार्रवाई न्यायोचित नहीं है। राज्य में राजनैतिक बदले की भावना से पुलिस के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। राज्य की कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमरा गई है। राज्य में अपराधी निरकुंष होकर अपराध कर रहे है तथा सत्ताधारी दल के विधायक एवं कार्यकर्ताओं द्वारा कानून व्यवस्था को ध्वस्त किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पुलिस महानिदेषक से मांग की कि मामले के सभी तथ्यों की निश्पक्ष जांच करते हुए इस प्रकरण में जिन भी तत्वों की संलिप्तता है उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिष्चित की जाय। प्रतिनिधिमण्डल में प्रदेश अध्यक्ष के अलावा पूर्व मंत्री, मंत्री प्रसाद नैथानी, पूर्व विधायक विजयपाल रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, प्रदेश महामंत्री डाॅ0 के0एस0 राणा, मुख्य समन्वयक राजेन्द्र षाह, गरिमा दसौनी, प्रदेश सचिव गिरीश पुनेड़ा, नवीन पयाल, सत्येन्द्र शर्मा, दिवान सिंह तोमर, दीपक जुयाल आदि षामिल थे।

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