देहरादून। सरकारी स्कूलों में कार्यरत विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षकों ने डीएलएड के लिए पंजीकरण नहीं कराने का निर्णय लिया है।
विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षकों की आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से डीएलएड के लिए पंजीकरण नहीं कराने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के बेसिक स्कूलों में कार्यरत विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त बीपीएड, डीपीएड व सीपीएड योग्यताधारी शिक्षकों को डीएलएड से मुक्त रखे जाने की मांग सरकार से की गई, लेकिन अभी तक इस ओर कोई कदम नहीं उठाया गया है। पूर्व में शिक्षा विभाग ने बीपीएड, डीपीएड, सीपीएड प्रशिक्षणधारी युवाओं को विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण देकर राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति दी। उन्होंने कहा कि पूर्व में विशिष्ट बीटीसी को विशेष रूप से बनाया गया था और इसे एनसीटीई ने मान्यता भी प्रदान कर दी थी। अब उनके अप्रशिक्षित होने का आदेश शिक्षकों के साथ अन्याय है। इस दौरान वीरेंद्र प्रसाद, राजेंद्र सिंह चौहान, विनोद रावत, संजय रावत, वीरेंद्र सिंह, चंद्रमोहन सिंह, माता प्रसाद, संजीव गुसाईं आदि उपस्थित रहे।