19 जनवरी, गढ़वाल का विकास डॉट कॉम, देहरादून। पूर्व CM व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा के नारे के साथ bJP पर लगातार वार कर रहे है, ऐसे में अब उन्होंने इको टूरिज्म कॉरपोरेशन व टनकपुर पंचेश्वर जौलजीबी मोटर मार्ग निर्माण कार्य को लेकर BJP पर निशाना साधा है।
सोशल मीडिया के माध्यम से श्री रावत ने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन की बात करें तो फिर जंगल पर्यावरण को कैसे भूल सकते हैं! पर्यावरणीय पर्यटन के लिए हमको कोई ऐसा रास्ता निकालना था जिससे हम अकूत वन संपदा को भी अपने पर्यावरण संवर्धन की योजना में जोड़ सकें, फॉरेस्ट बंगले हैं, पकडंडियां हैं, जंगलों में इकोहट्स की बात है और भी बहुत सारे से उपंद हैं जो जंगलों के साथ जुड़े हुए हैं, तो कैसे उसका उपयोग किया जाए! #जंगलों के बीच में जो हमारी नदियां हैं उनको कैसे हम पर्यटन की योजना के साथ जोड़ सकें! जैसे कहीं एंगलिंग करनी है और कुछ काम करने हैं, राफ्टिंग करनी है, उन सबको कैसे जोड़ सकते हैं, इन सब बातों पर विचार करके, यह सोचकर के कि यदि 70 प्रतिशत भू-भाग पर्यटन की संभावनाओं से बाहर हो जाएगा तो फिर कैसे हम पर्यटन में एक बड़ी शक्ति बनेंगे तो मैंने, #इको टूरिज्म कॉरपोरेशन का गठन किया और उसको वन निगम की एक सब्सिडियरी के रूप में विकसित किया, कार्यशील पूंजी वहां से ली और यहां उसको गठित करके उसको आगे बढ़ाया, उसके तहत हमने पहली योजना #माउंट_बाइकिंग व माउंट साइकिलिंग की प्रारंभ की, हमने फॉरेस्ट के अंदर साइकिलिंग के लिए कुछ एरियाज में ट्रायल किये जिसमें रानीखेत के पास के जंगलों को छाटा, स्यूनी सहित अन्य जंगल छाटे गए। हमने उसको जो जापान की मदद से परियोजना चल रही है, वन विभाग की एक एजेंसी जिसमें मॉडल के रूप में है उसको भी इसके साथ जोड़ा तो कुल मिलाकर के हमने एक ऐसी कार्य योजना बनाई जिसके साथ हम जंगलों के डाक बंगलों को, उनकी पगडंडियों व उनके आकर्षण को, जैसे हमने बुरांश खंडा के अंदर बुरांश का वृक्षारोपण बढ़ाया, इको टूरिज्म के जितने आयाम हो सकते थे, सबको हमने जोड़ा और उस पर काम प्रारंभ हुआ। निगम गठित हो गया, एम.डी. भी बन गए, सब कुछ बन गया, मेरी सरकार चली गई। हमारी सरकार जाने के बाद अब पता चला है कि इको टूरिज्म कॉरपोरेशन का बस्ता बांध करके उसको पर्यटन विभाग को सौंप दिया गया है।
इसी तरह श्री रावत ने टनकपुर-पंचेश्वर-जौलजीबी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य को लेकर bJP पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सड़क जो देश रक्षा की दृष्टिकोण से और एक बड़े क्षेत्र जिसमें डीडीहाट, मुनस्यारी, धारचूला आदि सब क्षेत्र सम्मिलित हैं, इनके विकास के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है, हमारे कार्यकाल में इसमें बड़ी तेजी से काम चल रहा था। हम उम्मीद कर रहे थे कि 2018 तक यह सड़क जनसेवा के लिए बनकर के तैयार हो जाएगी। 2017 में भाजपा की सरकार आई, भाजपा के विधायक ने व्यक्तिगत वैमनस्य निकालने के आधार पर इस निर्माण कार्य को करने वाले ठेकेदार के खिलाफ कई जांचें करवाई, कई और प्रशासनिक कदम उठाए और अंततोगत्वा ठेका रद्द करवा दिया गया, इस प्रक्रिया में लंबा समय लग गया जो सड़क वर्ष 2018 में ही बनकर तैयार हो जाती, वो सड़क आज भी बनकर के तैयार नहीं हुई है जबकि 2022 शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा कि एक बड़ा क्षेत्र आर्थिक विकास की दौड़ में कई वर्षों पीछे चला गया। इसीलिए मैं कहता हूंँ “तीन तिगाड़ा-काम बिगाड़ा, अब उत्तराखंड में नहीं आएगी, भाजपा दोबारा”।