उत्तराखंड: सड़क पर उतरे कांग्रेसी, किया CM आवास कूच

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस से जुड़े अनेकों कार्यकर्ता व मलिन बस्तीवासी बारिश के बावजूद शनिवार को सड़को पर उतर आए। अपनी मांगों के समर्थन में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास कूच किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने अपनी एकजुटता दिखाने की भी कोशिश की।
मलिन बस्तियों को मालिकाना हक दिलाने की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने आज राज्य सरकार के खिलाफ हमला बोला। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस से जुड़े अनेको कार्यकर्ता व मलिन बस्ती वासी अपनी मांगो के समर्थन में परेड ग्राउंड में एकत्र हुए, जहां से उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में सीएम आवास कूच किया। भारी बारिश के बावजूद कांग्रेसियों व मलिन बस्तीवासियों का हौसला कम नहीं हुआ और वह भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीएम आवास की ओर बढ़ते रहे। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हाथीबड़कला चौक पर बैरिकेड लगाकर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने BJP की त्रिवेन्द्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा सरकार गरीब व मलिन बस्तीवासियों की दुष्मन है। इस बात का यह प्रमाण है कि कांग्रेस सरकार द्वारा 10 अगस्त 2016 को मलिन बस्तियों के नियमितीकरण व मालिकाना हक तथा पुनर्वास के लिए कानून बनाने के बावजूद भाजपा सरकार के इशारे पर देहरादून प्रशासन एवं नगर निगम प्रशासन द्वारा हजारों मलिन बस्तीवासियो को अपने निर्माण हटाने अथवा सरकारी कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी का नोटिस जारी कर अपनी मानसिकता स्पष्ट कर दी है। उन्होने कहा कि कांग्रेस हमेशा गरीबों व मलिन बस्ती वालों के साथ रही है और जब कांग्रेस ने भाजपा सरकार के इस कुकृत्य का सड़कों पर विरोध करना शुरू किया और 28 जुलाई, को मुख्यमंत्री आवास कूच का ऐलान किया तो घबराकर हडबडी में सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर मलिन बस्तीवासियेां को गुमराह करने की कोशिश करी।
श्री सिंह ने कहा कि इस अध्यादेश में मलिन बस्तीवासियेां को 3 साल तक दण्डात्मक कार्रवाई से छूट दी है और उनके नियमितीकरण मालिकाना हक व पुनर्वास की कोई व्यवस्था प्रारम्भ करने की तिथि नहीं बताई है। श्री सिंह ने कहा कि भाजपा का यह अध्यादेश चुनावी अध्यादेश है जिसके माध्यम से वह निकाय चुनाव, लोकसभा चुनाव तक मलिन बस्तीवासियों के आक्रोश से बचने का प्रयास कर रही है, किन्तु आज देहरादून समेत राज्य की समस्त मलिन बस्तियों में रहने वाले लोग भाजपा की गरीब विरोधी मानसिकता को समझ चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष डाॅ0 इन्दिरा हृदयेश ने कहा कि प्रदेश समेत पूरे देश में भूमिहीन व आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बंजर भूमि व खाली पड़ी सरकारी भूमि पर बसाने का काम इन्दिरा जी के जमाने से शुरू हुआ और हमे गर्व है कि कांग्रेस पार्टी गरीबों को छत देने के साथ-साथ उनकी रक्षा करने की जिम्मेदारी हमेशा निभाती रही है। उन्होंने कहा कि प्रीतम सिंह जी के नेतृत्व में संगठन मलिन बस्तियों की लड़ाई सड़क पर लड़ रहा है और विधानमण्डल दल विधानसभा के अन्दर इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेगा।
पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस देहरादून की किसी भी बस्ती को उजड़ने नहीं देगी। पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि मुझे कांग्रेस सरकार द्वारा मलिन बस्तियों के नियमितीकरण व पुनर्वास हेतु बनाई गई समिति के अध्यक्ष की जो जिम्मेदारी दी गई थी उस समिति के रिपोर्ट के आधार पर ही कांग्रेस सरकार ने 10 अगस्त 2016 को कानून बनाकर मलिन बस्तियों के मालिकाना हक का रास्ता खोल दिया था। आज राज्य की भाजपा सरकार ने जिस प्रकार से मलिन बस्तियों के खिलाफ कार्रवाई की है उससे मलिन बस्तियों में भारी आक्रोश है जो आज सड़कों पर प्रदर्शित हो रहा है। इस दौरान किशोर उपाध्याय, मंत्री प्रसाद नैथानी, मातवर सिंह कण्डारी, सूर्यकान्त धस्माना, एस.पी. सिंह इन्जीनियर, विजय सारस्वत, राजीव महर्षि, डाॅ0 संजय पालीवाल, राजेन्द्र षाह, धीरेन्द्र प्रताप, चमन सिंह, लालचन्द शर्मा, आनन्द रावत, प्रमोद कुमार सिह, यामीन अंसारी, प्रभुलाल बहुगुणा, डाॅ0 आर.पी. रतूड़ी, लखपत बुटोला, प्रदीप भट्ट, गरिमा दसौनी, भरत शर्मा, राजेश पाण्डे, महेश जोशी, गिरीश पुनेड़ा, महन्त विनय सारस्वत, राजेश शर्मा, संजय अग्रवाल, मास्टर सत्यपाल, संजय भट्ट, ताहिर अली, नीनू सहगल, अशोक वर्मा, दीवान सिंह तोमर, संजय किषोर, कै0 बलवीर सिंह रावत, अमरजीत सिंह, कमलेश रमन, चन्द्रकला नेगी, पुश्पा पंवार, अनुराधा तिवारी, इमराना, मंजू त्रिपाठी, बाला शर्मा, पूनम कण्डारी, मोहन काला, रूबि देवी आदि सैकडों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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