देहरादून। माननीयों के वेतन-भत्तों में बेतहाशा बढ़ोतरी और बेरोजगार युवाओं पर लाठीचार्ज के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार का पुतला फूंका।
एस्लेहाल चौक पर एकत्र हुए आप कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। कहा कि भाजपा सरकार प्रचंड बहुमत के घमंड में तानाशाह रवैया अपना रही है। राज्य की जनता इसको कदापि स्वीकार नहीं करेगी।आप कार्यकर्ता गुरुवार को एस्लेहाल चौक पर एकत्र हुए और प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष उमा सिसौदिया ने कहा कि रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे बेरोजगारों पर पुलिस द्वारा जिस तरह बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया गया है उसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है। कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर राज्य पर विधायकों के वेतन-भत्तों में कई गुणा बढ़ोत्तरी कर बहुत बड़ा आर्थिक बोझ डालने का काम भी भाजपा की सरकार ने किया है। एक तरफ राजकोष खाली पड़ा हुआ है। राज्य 57 हजार करोड़ के कर्ज में डूबा हुआ है। पिछले एक साल के कार्यकाल में त्रिवेन्द्र सरकार छह हजार करोड़ का कर्ज ले चुकी है। सरकार के पास अपने कर्मचारियों का वेतन देने के लिए बजट नहीं है। वहीं बजट के अभाव में कई विकास योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त स्वास्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। सैकड़ों स्कूलों के भवन बदतर स्थिति में हैं। ऐसे में भाजपा सरकार अपने एक साल के कार्यकाल पूरा होने पर माननीयों के वेतन-भत्तों में बेतहाशा वृद्धि कर जश्न मना रही है। आप पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 51 विधायक करोड़पति हैं। वहीं आम जनता को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। माननीयों के वेतन-भत्तों में की गई बढ़ोत्तरी से राज्य पर सालाना 11 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। बेरोजगारी भत्ता को बंद करने के निर्णय का भी उन्होंने विरोध किया है। माननीयों के वेतन-भत्तों में की गई बढ़ोत्तरी के निर्णय को वापस लिया जाए। पुतला फूंकने वालों में प्रदेश सचिव नवीन पिरशाली, श्यामबाबू पांडे, राव नसीम, विशाल चौधरी, अशोक सेमवाल, सुधीर पंत, उपमा अग्रवाल, सरिता गिरी, अरविंद आर्य, सुरेश आर्य, सुनीता राणा आदि शामिल रहे।