देहरादून। विद्यालयों के कोटिकरण के कार्य को डेडलाइन तय कर दी गयी है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने निर्देश दिया है कि विद्यालयों के कोटिकरण का कार्य हर हाल में 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाए। यह निर्देश उन्होंने शनिवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों और शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ हुई बातचीत में दिया। उन्होंने एनसीईआरटी की किताबें न लगाने वाले स्कूलों पर कार्रवाई के लिए भी कहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि सभी जिलाधिकारी शासन द्वारा तय मानकों के अनुसार विद्यालयों का कोटिकरण करके प्रत्येक दशा में 25 मार्च तक अनंतिम सूची विभागीय वेबसाइट पर डाल दें। इसके बाद 27 मार्च तक आपत्तियां मंगा कर निस्तारण करते हुए 31 मार्च को हर हाल में सूची का प्रकाशन कर दिया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य रूप से प्रदेश के सभी सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों तथा उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में लागू होना है। इस संबंध में प्राप्त हो रही शिकायतों को देखते हुए तत्काल एक्शन लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन विद्यालयों द्वारा निर्देशों की अवहेलना की जा रही है। समस्त जिलाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी अपने स्तर से टीमें गठित करके विद्यालयों का निरीक्षण करें और हर हाल में एनसीईआरटी की किताबें लागू करें। उन्होंने कहा है शिक्षा विभाग के जनपदीय अधिकारी प्रत्येक जनपद में एक फोन नंबर तथा ईमेल आई जारी करें, ताकि इस संबंध में शिकायतें प्राप्त हो सकें। ऐसी शिकायतों पर तत्काल एक्शन लेकर उन्हें भी अवगत करायें। उन्होंने अधिकारियों को यह निर्देश दिया है एनसीईआरटी की किताबों की विशेषताओं का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार किया जाए। ताकि निजी प्रकाशकों द्वारा किताबों के संबंध में फैलाई जा रही भ्रांतियों का जवाब दिया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराना सुनिश्चित करें।