देहरादून। अगर शराब पीकर स्टीयरिंग संभाली तो कार नहीं चलेगी। इसके लिए आवासीय विविद्यालय अल्मोड़ा ने आरआई इंस्टरूमेंट्स एण्ड इनोवेशन हल्द्वानी के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर विशेष डिवाइस तैयार की है। इनोवेशन को पेटेंट भी कराया जा रहा है। उत्तराखंड एचएनबी चिकित्सा विविद्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कुलपति प्रो. एचएस धामी ने डिवाइस से जुड़ी जानकारियों को साझा किया। प्रो. धामी ने कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाने से आये दिन दुर्घटनायें हो रही थी। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए लम्बे समय से प्रयास किया जा रहा था जिस पर अब बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आवासीय विविद्यालय अल्मोड़ा ने वैज्ञानिकों के साथ मिलकर ग्राफिक पर आधारित कार की स्टीयरिंग में स्थापित की जाने वाली एक बायोमीट्रिक की संरचना की है जिसमें वाहन को स्टार्ट करने के लिए फूंक मारना जरूरी होगा। फूंक मारने पर शरीर में एल्कोहल निर्धारित मात्रा से अधिक होने पर वाहन का रिले सिस्टम काम नहीं करेगा जिससे वाहन स्टार्ट नहीं होगा। प्रो. धामी ने कहा कि उक्त इनोवेशन पर डा. आरपी जोशी व आकाश पाण्डे एक नवम्बर 2016 से कार्य कर रहे हैं। विश्व में पहली बार एल्कोहल पर आधारित ग्रैफीन सेंसर पर काम किया गया है। राज्यपाल व मुख्यमंत्री को दिखाने के बाद प्रोडक्ट का पेटेंट कराया जाएगा।