गैरसैंण/देहरादून। राजधानी मामले पर सरकार पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। इसलिए सरकार अपने संकल्प के तहत गैरसैंण में ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने जा रही है। यह कहना है मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का।
भराड़ीसैंण में गैरसैंण राजधानी मामले में पूछे गए सवाल के जवाब में रावत ने कहा कि गैरसैंण पर सरकार पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। इसीलिए शीतकाल में भी यहां विधानसभा का सत्र संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा गैरसैंण पर बहुत साफ है। ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के भाजपा सरकार के संकल्प पर इशारा करते हुए उन्होने कहा कि समझदार को इशारा ही काफी है। यह पूछे जाने पर कि ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा कब सार्वजनिक होगी। इस सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि सरकार की जब मंशा साफ है तो इस पर अब किंतु परंतु नहीं किया जाना चाहिए। इस मामले में सरकार गंभीर है।
यह पूछे जाने पर कि राम गंगा पर जब पानी ही कम है तो फिर झील कैसे बनेगी। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि बरसाती पानी से भी झील के स्वरूप को विस्तारित किया जाएगा।पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र में होम स्टे योजना के बारे में सीएम ने कहा कि पूरे राज्य में इस योजना को बढ़ाया जा रहा है। इससे ही लोगों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति सुदृढ़ होगी। एनजीटी द्वारा भराड़ीसैंण मामले में आपत्ति लगाए जाने के सवाल पर सीएम ने कहा कि एनजीटी भी एक संवैधानिक संस्था है। इसलिए तकनीकी अड़चन लगाना उसका दायित्व भी है। सरकार भविष्य में एनजीटी द्वारा सुझाए गए मामलों को गंभीरता से लेगी। इसके बावजूद विधानसभा परिसर निर्माण की प्रक्रिया पूरी तरह जारी रहेगी।