रू. 2 प्रति पृष्ठ के स्थान पर अवैध रूप से वसूला जा रहा 400 रू. प्रति काॅपी की दर से शुल्क, 2011 से 10121 परीक्षार्थियों ने ली अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की फोटो प्र्रतियां
देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (उत्तराखंड बोर्ड) द्वारा आयोजित परीक्षाओें के अभ्यर्थी अपनी जांची हुुई उत्तर पुस्तिका की फोटो प्रतियां सूचना अधिकार के अन्तर्गत 400 रू. प्रति काॅपी की दर से शुल्क का भुगतान करते हुये निर्धारित फार्म पर आवेदन करके प्र्राप्त कर सकते हैैं। यह कापियां परीक्षा परिणाम घोषित होनेे के छः माह तक ही प्राप्त की जा सकती हैै। सुुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तर पुस्तिकायें लेने का परीक्षार्थी का अधिकार वाला फैसला देनेे के बाद 2011 से अप्रैल 2019 तक परीक्षार्थियोें के उनकी जांची कापियां लेने के 10121 आवेेदन बोेर्ड को प्र्राप्त हुुये हैै। जिस पर 38 लाख 67 हजार 82 रू. का शुल्क वसूला गया हैै।
सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन नेे उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (उत्तराखंड बोर्ड) रामनगर से बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा की उत्तर पुुस्तिकाओं की प्रतियां सूचना अधिकार के अन्तर्गत उपलब्ध कराने के नियम प्रावधानों, आवेदनों तथा प्र्राप्त शुल्क की सूचनायें मांगी। इसके उत्तर में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर के लोक सूचना अधिककारी/अपर सचिव नवीन चन्द्र पाठक नेे उत्तर पुस्तिकायें प्राप्त करने के नियम, प्र्रक्रिया, शुल्क तथा प्राप्त आवेदनों तथा वसूूले गयेे शुल्क की सूचनायें अपनेे पत्रांक 27 से श्री नदीम कोे उपलब्ध करायी हैै।
श्री नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार वर्ष 2011 से 2013 तक तोे उत्तर पुुस्तिका हेतुु रू.2 प्र्रति पृष्ठ तथा आवेेदन शुल्क रू. 10 की दर से शुुल्क वसूला गया है लेकिन 2014 से 400 प्र्रति काॅपी की दर सेे शुुल्क वसूला जा रहा हैै। उपलब्ध सूूचना के अनुुसार उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा विभाग के 12 जुलाई 2013 के शासनादेश से रू. 400 प्र्रति विषय शुुल्क निर्धारित कर दिया गया हैै।
श्री नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार परीक्षा कापियोें के लिये अलग से प्रक्रिया भी लागू कर दी गयी हैै। मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका के लिये रू. 400 प्रति प्रश्न पत्र की दर सेे ट्रेजरी चालान लगाकर उसकी मूल प्र्रति संलग्न कर स्वयं अथवा स्पीड पोेस्ट द्वारा सचिव उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर जिला नैैनीताल कोे परीक्षाफल घोषणा के उपरान्त प्रेषित करना होेगा। परीक्षा उत्तर पुस्तिकायें परीक्षा परिणाम घोेषित होेनेे के छः माह उपरान्त निष्ट कर दी जाती हैै इसलिये इसके बाद उत्तर पुुस्तिकायें देना संभव नहीं होगा। निर्धारित प्रार्थना पत्र में परीक्षार्थी का फोटोे लगानेे तथा उत्तर पुस्तिकाओें को प्र्रकाशित किये जाने हेेतु उपयोग नहीं करने की घोषणा का भी प्रावधान हैै। ट्रेजरी चालान के हेड 0202 शिक्षा, खेल, कला संस्कृृति 01- सामान्य शिक्षा 102 माध्यमिक शिक्षा 02-बोर्ड परीक्षाओं का शुल्क उल्लेेखित कियेे गयेे हैै।
श्री नदीम को वर्ष 2011 सेे सूचना उपलब्ध करानेे की तिथि (22 अप्रैैल 2019) तक प्राप्त आवेदनोें व प्राप्त शुल्क की सूचना भी उपलब्ध करायी गयी हैै। इसके अनुसार कुल 10121 आवेदन प्राप्त कियेे गयेे है। जिसमें 3514 हाई स्कूल के परीक्षार्थियोें के तथा 6607 इन्टर के परीक्षार्थियोें के आवेेदन है। इसमें कुल 38 लाख 67 हजार 82 रूपयेे का शुल्क वसूला गया है जिसमें 13 लाख 54 हजार 229 रूपये का शुल्क हाई स्कूल के परीक्षार्थियोें सेे तथा 25 लाख 12 हजार 853 का शुुल्क इन्टर के परीक्षार्थियों सेे केवल कापियों की प्र्रति देने के लिये वसूला गया हैै।
श्री नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुुसार 2011 सेे 2013 तक रू. 10 आवेदन शुल्क तथा 2 रू. प्रति पृष्ठ की दर से सूूचना हेतुु शुल्क वसूूला गया हैै। 2011 मेें 50 परीक्षार्थियों सेे 2253 रू. 2012 में 323 परीक्षार्थियों से 5464 रू., 2013 में 114 परीक्षार्थियों से 8965 रू. का शुल्क वसूला गया हैैै। जबकि 2014 से 400 रू. प्रति काॅपी शुल्क लागू करने के उपरान्त 2014 मंे 2382 आवेदकोें से 9 लाख 49 हजार 600, वर्ष 2015 में 1787 आवेदकों से 7 लाख 14 हजार 800, वर्ष 2016 में 1989 आवेेदकोें से 7 लाख 95 हजार 600, वर्ष 2017 में 1494 आवेदकों से 5 लाख 97 हजार 600, वर्ष 2018 में 1982 आवेदकोें सेे 7 लाख 92 हजार 800 रू. का शुुल्क वसूला गया है।
नदीम उद्दीन (एडवोकेट) नेे बताया कि सूचना अधिकार के अन्तर्गत किसी शासनादेश सेे शुल्क नहीं बढ़ाया जा सकता हैै सूूचना अधिकार नियमावली मेें उल्लेखित आवेदन शुुल्क रू. 10 तथा 2 रू. प्र्रति पृृष्ठ की दर सेे शुल्क लेने का ही बोर्ड हकदार है। गरीबी रेखा सेे नीचे का प्र्रमाण लगानेे पर निः शुल्क परीक्षा काॅपी की प्रतियां बोर्ड को उपलब्ध करानी चाहिये।