देहरादून। उड़ीसा की सुनामी लहरों को रोकने की ताकत दिल्ली की लड़कियां नहीं जुटा पाई। हां देश के पहले त्रिकोणीय महिला ब्लांईड क्रिकेट कप में दिल्ली की टीम को 9 विकेटों से हराकर आखिर उड़ीसा ने अपने 52 घंटों के सफर के बाद देहरादून पहुंचने का मकसद पूरा कर ही लिया।
आज का फाईनल मैच वेलहम स्कूल के मैदान में दिल्ली की कप्तान गुलशन ने जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। यह मैच 15-15 ओवर का था। दिल्ली की ओर से कप्तान गुलशन और विनीता ने पारी की शुरूआत कर पहले ओवर में 13 रन बनाए। पर दूसरे ओवर में उनके रनों की गति को सधी गेंदबाजी और फील्डर ने रोक दिया। दूसरे ओवर में सिर्फ 3 ही रन बनाने देकर उड़िया बालाओं ने दिल्ली को दबाव में लाने की रणनीति अपनाई। तीसरे ओवर में टूर्नामेंट का पहला बी1 केटगिरी का चैका विनीता ने मारा। बी1 केटगिरी का तात्पर्य है शत प्रतिशत ब्लाइंड। इस केटेगिरी के खिलाड़ियों को 1 के बदले 2 रन मिलते हैं तो चैके के बदले विनीता को 8 रन मिले। विनीता के तौर पर 22 रन पर पहला विकेट गिरा। वह रन आउट हुई। विनीता के आउट होने के बाद पूजा बैटिंग हेतु आई कोई बैटसमैन बहुत ज्यादा स्कोर नहीं कर पाया। कप्तान गुलशन को दो जीवनदान मिले और वह आखरी तक मैच में डटी रही। गुलशन ने कुल 37 रन बनाकर एक छोर संभालकर रखा। दिल्ली ने पहले 50 रन छटे ओवर में बनाए। उड़ीसा टीम की खूबी थी कि उन्होंने बहुत सधी हुई फील्डिंग कर रनों की गति पर लगाम लगाकर रखी। दो खिलाड़ी रन आउट हुई। मुख्य बालिंग रचना, पार्वती और मोमिना ने की। पार्वती ने 3 ओवर में 8 रन दिए। बी1 केटेगिरी की गंेदबाज मोमिना ने 1 ओवर में 7 रन देकर 1 विकेट लिया। दिल्ली की तरफ से सिर्फ 1 चैका लगा।
मैच का मुख्य आर्कषण सधा क्षेत्ररक्षण था जिसकी बदौलत वह दिल्ली को रन बनाने में रोकने में कामयाब रही। उड़ीसा ने अपनी सधी रणनीति के बदौलत दिल्ली की कप्तान जिनका बल्ला कल के मैच में खूब चला था, उनको रन बनाने से रोकने में कामयाबी हासिल की। मैच का एक और आर्कषण रहा कि बी1 केटेगिरी की जमुना ने 3 ओवर में 28 रन देकर 1 विकेट लिया। यहां 3 ओवर का एक स्पैल होता है। यह बहुत ही सराहनीय प्रदर्शन है क्योंकि बी1 केटेगिरी के गंेदबाज अक्सर अपनी दिशा भटक जाया करते हैं। उड़ीसा की टीम ने पूरे अनुशासन में रहते हुए दिल्ली को रनों के लिए तरसाया और रनों की गति को आगे ना बढ़ने देकर पूरी टीम को 5 विकेट पर 132 रनों पर समेट लिया। दिल्ली की गंेदबाजी इतनी सधी थी कि 2 बल्लेबाज हिट विकेट हुए।
उड़ीसा की टीम मैदान पर 10 ओवर में इस स्कोर को पार करने की चुनौती देकर उतरी थी। अपनी पारी की पहली ही बाल पर पिछले दो मैचों की हीरो झिल्ली बरूआ ने चैका मारा। झिल्ली और बसंती की सलामी जोड़ी ने पहले ओवर में 4 चैकों और 2 रनों के साथ कुल 18 रन बनाए। उड़ीसा ने अपने 50 रन तीन ओवर और 2 गेंदों पर बनाए। यह खिलाड़ी बहुत ही उत्साह में थे। इन दोनों की जोड़ी ने मैदान में चारों ओर जैसे रनों की झड़ी ही लगा दी। 4 ओवर की समाप्ति पर उड़ीसा का स्कोर 60 रन था। स्कोर पांच ओवर की समाप्ति पर बिना नुकसान के 75 था। जिस तरह से यह दोनों बल्लेबाज रन बनाकर अपने बल्लों को टकरा रहे थे वह दृश्य और भाव देखने लायक था। रनों का यह मुजरा और मुशायरा अपने आप में ही ऐसा नजारा था जो बार-बार नजर नहीं आता। 6 ओवर में 85 रन बिना किसी नुकसान के बने। उड़ीसा ने अपने 100 रन बिना किसी नुकसान के 7वें ओवर में बनाए। कल भी इसी जोड़ी ने अपने अर्धशतक पूरे किए थे। झिल्ली 48 रन पर हिटविकेट आउट हुई। पूजा के 9वें ओवर में उड़ीसा ने चैका मारकर 9 विकेट से जीत हासिल की। आज के मैच की प्लेयर आॅफ द मैच बसंती रहीं। जबकि बी1 केटेगिरी में विनीता मैच आॅफ द प्लेयर बनी, जिन्होंने 16 गंेदों में 22 रन बनाए। इस टूर्नामेंट के मैन आॅफ द सीरिज उड़ीसा की ही बसंती और बी1 श्रेणी में गायत्री रहीं। मैच के अंत में दोनों टीमों ने आपस में गले मिलकर एक दूसरे का अभिवादन किया। बाद में पूरी उड़िया टीम मैदान पर अपनी स्थानीय धुनों पर थिरकती नजर आई।
आज के मुख्य अतिथि विधायक विकासनगर मुन्ना सिंह चैहान ने कहा कि मैं इस आयोजन में आकर इन सुंदर, प्रतिभाशाली और उत्साही लड़कियों से मिलकर अभिभूत हूं। सुधामूर्ति इन्फोसिस के चैयरमेन की लिखी किताब थ्री थाउजेंड स्टिचिस का उल्लेखकर उन्होंने कहा कि मैं आज इस किताब की लाईनों को यहां साकार होता देख रहा हूं। यह बच्चे किसी पर भार नहीं हैं। यह बच्चे समाज की संपति हैं। यह समाज में योगदान करने वाले उत्पादक बच्चे हैं। यदि हम शास्त्रों में विश्वास करें तो उसमें दिव्य दृष्टि की बात कही गई है और आज मैं उस दिव्य दृष्टि को यहां मैदान पर इनको खेलते देखकर साकार होते देख रहा हूं। हममें से 90 फीसदी लोग तकनीकी को मास्टर के तौर पर प्रयोग करते हैं जो कि गलत है जबकि विज्ञान को एक अच्छे नौकर के तौर पर प्रयोग करना चाहिए। हमें तकनीकी का प्रयोग लोगों की जिंदगी को बदलने के लिए करना होगा।