जी0एस0टी0 परिषद् की बैठक में महाराज ने किया उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व

नई दिल्ली/देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। जी0एस0टी0 परिषद् की 35वीं बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गयी, जिसमें राज्य का प्रतिनिधित्व सतपाल महाराज, कैबिनेट मंत्री, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किया गया। बैठक में नियन्त्रक एवं महालेखा परीक्षक कार्यालय द्वारा केन्द्र व राज्य सरकारों से जी0एस0टी0 के अधीन विभिन्न व्यापारियों द्वारा प्राप्त किये जा रहे पंजीयन, दाखिल की जा रही विवरणियों अथवा अन्य कार्यवाहियों से सम्बन्धित डाटा आॅडिट किए जाने के उद्देश्य से उपलब्ध कराए जाने के संबंध में बनाए गये दिशा-निर्देशों पर विचार विमर्श किया गया।
बैठक में जी0एस0टी0 विधि में प्रस्तावित संशोधनों पर विस्तृत चर्चा की गयी। प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा के अंतर्गत करदाताओं की सुविधा तथा जी0एस0टी0 की अनुपालनाओं के सरलीकरण के दृष्टिगत् राज्य द्वारा प्रत्येक कर शीर्षक के लिए एकल कैश लेजर  (Single Cash Ledger) संस्तुत किए जाने, वार्षिक विवरणी एवं ई-काॅमर्स आॅपरेटर्स हेतु विहित विवरणी को दाखिल किए जाने का समय बढ़ाए जाने की अधिकारिता कमिश्नर को प्रदान किए जाने के आशय से धारा 44 तथा धारा 52 में संशोधन किए जाने, समाधान योजना अपनाने वाले करदाताओं द्वारा मात्र एक वार्षिक विवरणी दाखिल किए जाने एवं नई रिटर्न प्रणाली के अंतर्गत रू0 5 करोड़ वार्षिक आवर्त तक त्रैमासिक विवरणी दाखिल किया जाना प्रस्तावित होने के क्रम में धारा 39 में संशोधन किए जाने का स्वागत किया गया। इसके अतिरिक्त राजस्व हित में बोगस रजिस्ट्रेशन रोकने के उद्देश्य से अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों तथा जी0एस0टी0 के अंतर्गत डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के प्रयोजन से प्रस्तावित संशोधन का समर्थन किया गया।
राज्य द्वारा पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इलैक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने हेतु ऐसे वाहनों पर कर की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत प्रस्तावित किए जाने तथा इन वाहनों के चार्जिंग के लिए प्रयोग किये जाने वाले चार्जर पर कर की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत संस्तुत किए जाने का समर्थन किया गया। राज्य द्वारा वार्षिक विवरणी दाखिल करने में उत्पन्न हो रही कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए वार्षिक विवरणी का समय बढ़ाए जाने के प्रस्ताव का समर्थन करने के अतिरिक्त सरलीकृत नई रिटर्न प्रणाली को जनवरी, 2020 से समस्त करदाताओं के लिए लागू किए जाने का भी समर्थन किया गया। जी0एस0टी0 के अधीन अपील प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किए जाने के माध्यम से करदाताओं को प्राप्त होने वाले लाभ हेतु माल और सेवा कर अपीलीय अधिकरण के शीघ्रातिशीघ्र गठन पर बल दिया गया।

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