तस्करों से छुड़ाए पशु गौशाला में नहीं हैं तो हैं कहां, DM को नहीं मिला जवाब

रूद्रपुर/देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। जिलाधिकारी डा0 नीरज खैरवाल की अध्यक्षता में जनपदीय पशु क्रूरता निवारण समिति की समीक्षा बैठक कलक्टेªट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी/सचिव डा0 जीएस धामी ने मा0 उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल के नियमो के क्रम में जनपद में  पशु गौशाला,गौ सदन निर्माण  आदि की जानकारी दी। बैठक में श्री राधाकृृष्ण गौशाला किच्छा में पूर्व में 80 पशुओं को तस्करों से छुडाया गया किन्तु एक भी पशु गौशाला में नही भेजे गये के सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि अब तक इस मामले में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गयी। किन्तु विभाग द्वारा कोई भी सन्तुष्टपूर्ण जानकारी न देने पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को एक सप्ताह में जांच करने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिये।
जिलाधिकारी ने जनपद में स्थापित पशु शरणालय की समीक्षा के दौरान कहा कि वर्तमान में जनपद में कितने पशु शरणालय स्थापित है व कितनों की आवश्यकता है की सूची उपलब्ध कराने को कहा। उन्होने समस्त नगर पालिका,नगर पंचायत,नगर निगम,उप जिलाधिकारियों,पुलिस,मुख्य चिकित्साधिकारी को संयुक्त रूप में बैठक कर अपने अपने क्षेत्रो के उप पशु चिकित्सालयों में पशु शरणालय स्थापित करने के प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित विभागों को मा0 उच्च न्यायालय नैनीताल के निर्देशों के तहत  पशु क्रूरता की रोक-थाम के लिये आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को किये गये कार्यो की प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक सप्ताह स्वंय उपस्थित होकर प्रस्तुत करने को कहा। उन्होने कहा कि इस कार्य में काई भी हीला हवाली वर्दास्त नही की जायेगी। उन्होने कहा कि जिस किसी विभाग अथवा कर्मचारी द्वारा लापरवाही वरती जायेगी तो उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। उन्होने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं पर हो रही कू्ररता की निगरानी के लिये एक नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिये।
उन्होने सम्बन्धित विभाग को पशु क्रूरता से सम्बन्धित एक साफ्टवेयर बनाने को कहा ताकि पशुओ पर हो रही क्रूरता से सम्बन्धित,गौशाला में रखी गये पशुओं की जानकारी सही-सही मिल सकें। जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान आवारा पशुओं का रख रखाव की भी जानकारी ली। उन्होने कहा कि सम्बन्धित विभाग आपस में समन्वय बनाते हुये आवारा पशुओं,दुर्घटना में घायल पशुओं के रख रखाव,टीकारण व दवाईयों आदि की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करें। उन्होने कांजी हाउस,गौशाला व गौ-सदन में रखे हुये पशुओं की स्थिति आदि की सूची उपलब्ध करने को कहा। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत द्वारा अब तक स्थापित पशु शरणालयों की स्थिति के सम्बन्ध में एक सप्ताह के अन्दर फोटों ग्राफ सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होने सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को आगामी 07 अगस्त की बैठक में पूर्ण डाटा के साथ बैठक में प्रतिभाग करने को कहा।
उन्होने बिना लाईसेंस के हो रहे पशुबद्ध पर रोक लगाने के लिये समय-समय सम्बन्धित अधिकारियो को निरीक्षण करने के निर्देश दिये। उन्होने सम्बन्धित नगर पालिका,नगर निगम के अधिकारियों को गौ-सदन,गौ शरणालय आदि स्थापित करने के लिये भूमि चयनित करने के भी निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी बैठक में अधिक से अधिक आम नागरिकों को आमंत्रित किया जाय ताकि कोई भी आम नागरीक गौ सदन/पशु शरणालय आदि का निर्माण करना चाहता है तो वह अपनी बात बात व विचार बैठक में रख सकता है। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरिन्दरजीत सिंह,एडीएम जगदीश चन्द्र काण्डपाल,एसडीएम मुक्ता मिश्र,अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत तेज सिंह,उप पशु चिकित्साधिकारी पूजा पाण्डे के साथ ही सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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