देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। द फ्रेंड्स ऑफ देहरादून सोसाइटी ने एशिया इनिशीएटिव की सहायता द्वारा सहस्त्रधारा रोड स्थित द हेरिटेज स्कूल नार्थ कैंपस में 65 पौधे लगाए और छात्रों द्वारा प्रतिज्ञा ली गई थी वह पौधों का पूरा ध्यान रखेंगे।
द हेरिटेज स्कूल नॉर्थ कैंपस में आयोजित पौधारोपण से पूर्व छात्रों को वृक्ष से होने वाले फायदे के बारे में जानकारी दी गई इस घाटी में वृक्षों के कारण खूब बारिश होती रहती है। अब गर्मियों की अवधि बढ़ती जा रही है। बारिश का मौसम छोटा होता जा रहा है और सूखा बढ़ता जा रहा है। दून घाटी की जो निराली छटा थी वह खत्म होती जा रही है। द फ्रेंड्स ऑफ दून सोसायटी ने सन 19 85 में अपनी शुरुआत से लेकर हर साल मानसून में अपने प्रोजेक्ट “ट्री फॉर दून” के अंतर्गत वृक्षों को दून घाटी के विभिन्न स्थानों पर लगाती है । इस संस्था का मुख्य उद्देश्य है कि जो पेड़ लगाए जाए उन्हें बचाया भी जाए, इसलिए वृक्षारोपण केवल सुरक्षित स्थानों पर ही कराया जाता है । इस वर्ष एशिया एनीशिएटिव की सहायता से द फ्रेंड्स ऑफ दून सोसायटी का लक्ष्य दून घाटी में 12000 पौधे लगाने का है जिसमें देहरादून के विभिन्न स्कूल, आश्रम एवं अन्य संस्थानों की सहायता ली जा रही है । मुख्यतः वृक्षारोपण छात्रों द्वारा ही किया जा रहा है । इसी कड़ी में आज हेरिटेज स्कूल नार्थ कैंपस में वृक्षारोपण किया गया। इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य अगली पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ना है। छात्रों के साथ जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया जहां उन्हें वृक्षों के महत्व के विषय में बताया गया तथा छात्रों से यह जानने का प्रयास किया गया कि वृक्ष के विषय में कितना जानते हैं संपूर्ण सत्र में छात्रों ने वृक्षों के विषय में बहुत से प्रश्न पूछे जिनके उत्तर द फ्रेंड्स ऑफ दून सोसायटी के सदस्यों द्वारा दिए गए। तत्पश्चात बच्चों ने विद्यालय के प्रांगण में पौधा रोपण के सही तरीके की जानकारी प्राप्त की तथा उसके पश्चात पौधा रोपण किया ।इस अवसर पर सभी छात्रों द्वारा यह प्रतिज्ञा दी गई कि वे वृक्षों को अपना मित्र बनाएंगे तथा उनका ध्यान रखेंगे।
इस संपूर्ण कार्यक्रम में डायरेक्टर सिद्धार्थ चौधरी , हेरिटेज स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमती वी गिल, वी वाग्नु, कैंपस की प्रधानाचार्य श्रीमती दीपाली सिंह का विशेष सहयोग रहा। द फ्रेंड्स ऑफ दून सोसायटी की श्रीमती रितु चटर्जी, श्रीमती राधा चटर्जी, श्रीमती सुनीता रेखी, ब्रिगेडियर स्मिथ पी. नंदा एवं प्रोजेक्ट मैनेजर भरत शर्मा आदि उपस्थित थे।