देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। देश को तो आजादी मिल गई है परन्तु क्या हमारी आत्मा को भी आजादी प्राप्त हुई है? आत्मा को आजादी सिर्फ निरंकार प्रभु परमात्मा की जानकारी से ही मिल सकती है, जब मनुष्य की आत्मा निरंकार से जुड़ जाती हैं तो हमारे अन्दर के विकार भी स्वतः समाप्त हो जाते हैं। जैसे कि अभिमान, चाहे वो जाति-पाति का हो या पद का, अर्थात निरंकार प्रभु से जुड़कर हमें इन कमियों एवं विकारों से भी मुक्ति मिल जाती है। अतः ब्रह्मज्ञान पाकर जन-जन की आत्मा की मुक्ति का मार्ग प्रशस्थ हो सकता है।
उक्त विचार संत निरंकारी भवन हरिद्वार बाईपास रोड के तत्वावधान में आयोजित दिल्ली से पधारे हुए संत हरभजन सिंह कोहली ने सद्गुरु माता सुदीक्षा सविंदर हरदेव जी महाराज का पावन आशीर्वाद देते हुए व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन निरंकारी जगह में मुक्ति पर्व के रूप में मनाया जाता है। दुनिया के लिए तो आज दो त्योहार है पर निरंकारी भक्तों के लिए आज के दिन तीन-तीन त्योहार है। जहाँ दुनिया ने आज देश को सदियों की पराधीनता से मुक्त कराने वाले सेनानियों को 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस एवं रक्षाबंदन के रूप में याद किया, वहीं निरंकारी भक्तों ने एक और त्योहार अपनी आत्मा की मुक्ति निरंकार प्रभु से जोड़ कर मनाया है।
उन्होंने कहा कि संत निंरकारी मिशन ने शहनशाह बाबा अवतार सिंह जी, जगत माता बुधवंती जी, राजमाता कुलवंत कौर जी, बाबा हरदेव सिंह जी एवं माता सविन्दर हरिदेव जी जैसे अनेक ऐसे श्रद्धालु भक्तों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने ब्रह्मज्ञान देकर जन-जन की आत्मा की मुक्ति का मार्ग प्रशस्थ किया। इस अवसर पर पूर्व अनेकों सन्तों-भक्तों ने गीतों, प्रवचनों द्वारा तमाम उन बलिदानियों को याद किया, जिन्होंने मानवता के कल्याण के लिए इस मिशन को सीचा है। मंच संचालक भगवत प्रसाद जोशी ने किया।