पर्यटन एवं योगा केेन्द्र अवस्थापना विकास में जापान ने दिखायी रूचि

उत्तराखण्ड में पर्यटन, योगा, खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश की पर्याप्त संभावनाएं : केन्जी हिरामात्सू
देहरादून। इन्वेस्टर्स समिट-2018 के जापान पाटर्नर कन्ट्री सेशन में जापान एम्बेसडर श्री केन्जी हिरामात्सू ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन, योगा, खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश की पर्याप्त संभावनाएं हैं। प्रदेश के ऐतिहासिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थल जापानी पर्यटकों के लिए आकर्षक हैं तथा योगाभ्यास के लिए जापानी पर्यटक ऋषिकेष एवं हरिद्वार को पसंद करते हैं। उन्होंने उत्तराखण्ड में पर्यटन एवं योगा केेन्द्र अवस्थापना विकास में अधिकाधिक रूचि दिखाई। उन्होंने कहा कि जापान खाद्य प्रसंस्करण में विषेषज्ञता रखता है। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण परियोजनाओं में निवेष हेतु एम.ओ.यू. भी किये जाने का आष्वासन दिया। उन्होंने उत्तराखण्ड को भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील मानते हुए जापान की इस क्षेत्र में विशेषज्ञता का उपयोग आपदा न्यूनीकरण में किये जाने का आश्वासन दिया।
सचिव, उत्तराखण्ड श्री आर.मीनाक्षी सुन्दरम ने कहा कि उत्तराखण्ड विगत 10 वर्ष से उत्तर भारत के नये मैनुफैक्चरिंग हब के रुप में उभरा है। प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए पर्यटन, उद्योग आदि नीतियों में सुविधाएं बढ़ाई गई है। जिसके तहत नई पर्यटन नीति, इलैक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन, आई.टी, आदि अनेक नीतियां बनाई है। यहां दक्ष मानव संसाधन व उद्योग का बेहतर माहौल है। जापान की सुजुकी मोटर कारपोरेषन ने भारत में आर्थिकी में आयाम स्थापित किये है। जापान भारत में सर्वाधिक निवेष करने वाला तीसरा देश है। उन्होंने जापान से प्रदेश में अधिकाधिक निवेश करने की अपेक्षा की।
जापान इन्टरनेशनल कारपोरेषन एजेन्सी की वरिष्ठ प्रतिनिधि श्री टोरु उमाची ने जापान द्वारा देश में संचालित जीका योजना द्वारा भारत में आर्थिक एवं सामाजिक क्षेत्र में किये गये विकास पर प्रकाष डाला।
वाइस प्रेसीडेन्ट डेन्सो श्री रजनीश दीवान ने बताया कि डेन्सो द्वारा सन् 2008 में हरिद्वार में दुपहिया वाहन की परियोजना स्थापित की गई थी। उन्होंने बताया कि कम्पनी द्वारा योगा, विष्व महिला दिवस आयोजनों में भी सहयोग किया गया है तथा हरिद्वार के विद्यालयों में सामाजिक विकास में सहयोग किया जाता है।
इस अवसर पर उपनिदेषक जनरल जैट्रो, श्री तकाषी सुचिया ने भी जापान एक्सटरनल ट्रेड आरगेनाइजेषन द्वारा भारत में संचालित प्रोजेक्ट की जानकारी दी।

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