उत्तराखण्ड में स्थापित किये जायेंगे मिनी क्लाउड डेटा सेंटर : रवि शंकर प्रसाद

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने आई टी के महत्व को समझा
देहरादून। उत्तराखण्ड इंवेस्टर्स समिट के प्रथम दिन आॅडी प्रथम के द्वितीय सत्र में आई टी ,आईटीईएस एवं बायोटैक्नोलाॅजी के संबंध में केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने आई टी के महत्व को समझा है। उत्तराखण्ड के 97 प्रतिशत छात्रों ने उच्च शिक्षा में आॅनलाईन प्रवेश लिया है। उन्होंने कहा कि हम शैक्षणिक सत्र को ओर बेहतर बनाने तथा डिजिटल लिटरेसी के प्रति भी मिलकर कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में मिनी क्लाउड डेटा सेंटर भी स्थापित किये जायेंगे। इसके लिये राज्य के जिलों को एनआईसी के माध्यम से जोडकर और बेहतर सुविधायुक्त बनाया जायेगा।
उन्होंने पर्यटन एवं सूचना प्रौद्योगिकी के समन्वय से एनआईसी के माध्यम से कम्पोजिट टूरिज्म पोर्टल बनाये जाने की भी घोषणा की जिसमें बटन दबाते ही चारधाम यात्रा, हेली सेवा, यातायात व अन्य माध्यमों की जानकारी प्र्यटकों व अन्य लोगों को उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 2406 काॅमन सर्विस सेंटर 02 माह के अन्दर स्थापित करने की भी बात कही। तथा प्रदेश के लिये 200 और बीपीओ की भी स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि देश में आईटी के क्षेत्र में 1.40 करोड लोग कार्य करते हैं। जिसमें एक तिहाई महिलायें है। हमारे लोगों में काफी प्रतिभा है। हम उनकी प्रतिभा को और आगे ले जायेंगे। हमें डिजिटल इंडिया के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केन्द्रीय मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र को बढ़ावा मिला है। इस क्षेत्र में राज्य के प्रयासों को उन्होंने सराहा है। हमारा प्रयास राज्य में आईटी के क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेशपरक योजनाओं को स्थापित करने का है ताकि इस क्षेत्र मे राज्य के युवा और अधिक तरक्की कर सके।
प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्री धन सिंह रावत  ने कहा कि इस इंवेस्टर समिट में 75 हजार करोड के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। राज्य में पहली बार इतना बडा निवेश प्राप्त हुआ है। उद्यमियों के लिये सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री का राज्य के लिये कुल 500 बीपीओ स्वीकृत करने के लिये आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सचिव आईटी आर.के सुधांशु एवं अन्य विषय विशेषज्ञों ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

प्रदेश में पर्यटन के साथ लगाए जाए फूड प्रोसेसिंग आईटी उद्योग : पियूष गोयल
देहरादून। प्रदेश में प्रथम इन्वेस्टर सम्मिट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बोलते हुए केंद्रीय रेल एवं कोयला मंत्री पियूष गोयल ने समिट आयोजित करने के लिए राज्य सरकार की सराहना की उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है यहां पर्यटन उद्योग की अपार संभावनाएं हैं उनका हमें प्रकृति के साथ समन्वय बनाते हुए विकास कार्य करने चाहिए ताकि प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता बनी रहे।
रेल मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन के साथ ही फूड प्रोसेसिंग आईटी उद्योग लगाए जाए, ताकि युवा वर्ग इसका लाभ उठा सकें वह प्लान भी रुकेगा उन्होंने कहा कि पर्यटकों को आकर्षण करने हेतु प्रदेश में सड़क हवाई रेल सेवाओं के साथ ही सुचार विद्युत पेयजल नेट कनेक्टिविटी स्वच्छता आदि ब्यवस्था अति महत्वपूर्ण है । रेल मंत्री ने कहा कि चार धाम को रेल लाइन से जोड़ने में लगभग 40 हजार करोड़ की लागत की संभावना है । प्रथम चरण में ऋषिकेश से  रेल लाइन जोड़ने का कार्य किया जाएगा । संबोधित करते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि समिट आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में उद्योग निवेश बढ़ाने के साथ ही कार्य प्रगति जनता के बीच देखना है । श्री पंत ने कहा कि सरकार प्रदेश में सड़क रेल हवाई आज सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही पर्यटन रोजगार को बढ़ा देने के लिए प्रतिबद्ध है उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से उड़ान योजना के अंतर्गत प्रदेश में 40 हेलीपैड बनाए जाएंगे प्रदेश में उद्योग लगाने हेतु निवेशकों को आमंत्रित करते हुए उनका आह्वान किया कार्यक्रम को अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव ट्रांसपोर्ट शैलेश बगोली शैलेश पाठक डॉक्टर बीपी शर्मा एचएस वाधवा अभय कृष्ण अग्रवाल द्वारा संबोधित किया गया।

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