प्रभु को जानकर की जाने वाली भक्ति ही सार्थक: निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महराज

देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। परमात्मा की अनुभूति होने पर ही भक्ति आरम्भ होती है प्रभु परमात्मा को जानकर की जाने वाली भक्ति ही सार्थक होती है इंसान जीवन में बहुत कुछ प्राप्त करने के लिए यत्नशील रहता है, किन्तु सत्य से अनभिज्ञ रहता है। मानव में मानव वाली बात नज़र नहीं आती। यह उद्गार निरंकारी सद्गुर माता सुदीक्षा जी ने संत निरंकारी सत्संग भवन बाईपास के तत्वाधान में पधारे प्रभु प्रेमियों के उमड़े विशाल जनसमूह को अपना पावन आशीर्वाद देते हुए व्यक्त किये।
निरंकारी सद्गुर माता सुदीक्षा जी ने कहा की संसार में भक्ति तो हो रही है किन्तु बिना प्रभु की अनुभूति किये बगैर जिनके बारे में जानते है उसकी चर्चा करते है, तो सत्यता होती है  मनुष्य जन्म  को दुर्लभ बताते हुए आपने कहा की यह जनम बड़े भाग्य से मिलता है| इसलिए समय रहते  हुए परमात्मा की अनुभूति करके  मानव जीवन को सफल कर लेना चाहिए| सत्संग समारोह में अनेकों समाज सेवियों एवं वरिष्ठ अतिथियों का  शुभ आगमन हुआ | मुख्य रूप से मंसूरी जोन के जोनल इंचार्ज श्री हरभजन सिंह जी, स्थानीय संयोजक कलम सिंह रावत जी के नेतृत्व में इस समागम  में सेवादल के क्षेत्रीय संचालक दिलवर सिंह पंवार,  संचालक मंजीत सिंह के दिशा  निर्देश में  ट्रैफिक, पंडाल, लंगर , प्याऊ, शौंचालय इत्यादि की 3 क्षेत्रों से 45 यूनिट के  लगभग 1500 सेवादार भाई बहनो ने समस्त  सेवाओं को सूंदर रूप प्रदान किया  सभी को गुरु का  लंगर वितरण किया। इस समागम में देहरादून के आसपास से विकासनगर, ऋषिकेश, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, हरिद्वार, बिजनौर, सहारनपुर से संतो ने सिरकत की। मुख्य रूप से मोलूराम, जसराम थपलियाल, नरेश, विजय, राकेश, मंशाराम, राजीव, स्याणी, पिंकी, सुशीला, उषा, अन्नू, चेता रावत, अनिल, ललित, मोहन, रविंद्र, हेमराज, राजू, जोगेंद्र, राजेश, जगत सिंह, कुंवर सिंह, डीपी चमोली आदि उपस्थित रहे| मंच संचालन युवा संत सचिन पंवार ने किया|

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