देहरादून। विशिष्ट बीटीसी वाले शिक्षकों को डीएलएड व ब्रिज कोर्स कराने की बाध्यता से नाराज प्राथमिक शिक्षकों का आंदोलन निदेशालय पर शनिवार को भी जारी रहा। शनिवार को चमोली व रुद्रप्रयाग के शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया।
शिक्षकों ने नारेबाजी के साथ मांग की कि राज्य सरकार जल्द इस समस्या का समाधान निकाले। शिक्षकों की मांग थी कि जिन अधिकारियों की वजह से यह समस्या खड़ी हुई है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और शिक्षकों को ब्रिज कोर्स से मुक्त रखा जाए। संघ के संरक्षक प्रेम सिंह गुसांई, प्रांतीय महामंत्री दिग्विजय सिंह चौहान, उपाध्यक्ष मगनानंद भट्ट ने कहा कि विशिष्ट बीटीसी की मान्यता का विवाद अफसरों की लापरवाही से सामने आया है। अधिकारियों ने इसकी मान्यता ले ली होती तो ऐसी स्थिति नहीं आती। आज प्रदेश के 13125 प्राथमिक शिक्षकों को इतने साल बाद अप्रशिक्षित शिक्षक की श्रेणी में खड़ा कर दिया गया है। शिक्षक नेताओं ने कहा कि सभी प्राइमरी शिक्षक अपने साथियों के साथ खड़े हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार और शिक्षा विभाग खुद इस मामले को सुलझाएं। हालांकि शिक्षा निदेशक ने दो दिन पहले ही ऐसे सभी शिक्षकों को ब्रिज कोर्स के लिए पंजीकरण कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं। निदेशक ने विभाग की ओर से हाथ खड़े करते हुए कहा है कि यह निर्देश एनसीटीई का है और फिलहाल इसका समाधान नहीं निकल पाया। इसलिए सभी शिक्षकों को ब्रिज कोर्स के लिए पंजीकरण कराने का निर्देश दिया जा चुका है। पंजीकरण व ब्रिज कोर्स न करने पर आने वाली दिक्कतों के लिए संबंधित शिक्षक स्वयं जिम्मेदार रहेगा।