देहरादून, (गढ़वाल का विकास न्यूज)। आम आदमी पार्टी, उत्तराखंड के प्रवक्ता रविन्द्र सिंह आनन्द ने एक बयान जारी कर कहा कि जब उच्च न्यायालय के आदेश दुकानों एवं मंदिरों को ध्वस्त करने के लिए आए तो राज्य सरकार द्वारा असमर्थता दिखाते हुए व्यापारियों के हित में कोई निर्णय ना लिया और ना ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा ही खटखटाया, वही दूसरी ओर जब उच्च न्यायालय द्वारा त्रिवेंद्र सिंह रावत पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के लिए सीबीआई जांच के आदेश हुए और त्रिवेंद्र सिंह रावत की कुर्सी हिलने लगी तब वह तत्काल सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंच गए। उन्होंने कहा कि इससे यह साबित होता है कि त्रिवेंद्र सरकार व्यापारी हितों के लिए संवेदनशील नहीं है। उनका कहना था कि यह सरकार स्वार्थी है और पद की लालसा रखने वाली है। इसको व्यापारियों एवं आम जनता की परेशानी मुसीबतों से कुछ लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से त्रिवेंद्र सरकार के आए दिन घोटालों खुल रहे हैं उससे यह साबित होता है कि जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सरकार सिर्फ जुमलेबाजी ही कर सकती है।