देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। विकास के मामले में करीबन एक जैसे हालातों का सामना कर रहे देश के 11 हिमालयी राज्य पहली बार आज मसूरी में विभिन्न मुद्दों पर मंथन करने के लिए जुटे। राज्यों के बीच इस मंथन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ ही नीति आयोग और वित्त आयोग के भी सदस्य शामिल हुए। हिमालयन कॉन्क्लेव में गहन मंथन के पश्चात प्रतिभागी हिमालयी राज्यों द्वारा ‘‘मसूरी संकल्प’’ पारित किया गया। इसमें पर्वतीय राज्यों द्वारा हिमालय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और देश की समृद्धि में योगदान का संकल्प लिया गया। साथ ही, प्रकृति प्रदत्त जैव विविधता, ग्लेशियर, नदियों, झीलों के संरक्षण का भी प्रण लिया गया। भावी पीढ़ी के लिए लोककला, हस्तकला, संस्कृति आदि का संरक्षण किया जाएगा। पर्वतीय संस्कृति की आध्यात्मिक परम्परा के संरक्षण व मानवता के लिए कार्य करने का संकल्प लिया गया। समानता व न्याय की भावना के साथ पर्वतीय क्षेत्रों के सतत विकास की रणनीति पर काम किया जाएगा। पर्वतीय सभ्यताओं के महान इतिहास व विरासत के संरक्षण का संकल्प लिया गया।
ये हैं 11 हिमालयी राज्य
उत्तराखंड, हिमाचल, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम, अरुणाचल, असम, नागालैंड, सिक्किम व जम्मू.कश्मीर।