हिमालय बचाने को ले सामूहिक रूप से संकल्प : मुख्यमंत्री रावत

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हिमालय एक व्यक्ति विशेष का नहीं, एक समाज का नहीं, एक राज्य विशेष का नहीं, ये पूरे देश और दुनिया का है। इसलिए आवश्यक हो जाता है की हम इस हिमालय दिवस पर देश और दुनिया का ध्यान इसकी ओर आकर्षित करे और सभी लोग सामूहिक रूप से संकल्प ले की हम हिमालय को बचायेंगे।
हिमालय दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने कहा कि हिमालय विश्व की महानतम पर्वत श्रंखला है। हिमालय अपनी नदियों और जलवायु से पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोता है। हमारा राज्य हिमालयी क्षेत्र का नवीनतम राज्य है। गंगा, यमुना और कई जीवनदायिनी नदियाँ यहाँ से निकलती हैं। हिमालय उत्तराखंड के लिए एक वरदान है क्यूँकि यहाँ आस्था के प्रतीक चारधाम तो स्थित है ही साथ ही इसकी मनोरम वादियां और प्राकृतिक संसाधन, पर्यटन एवं आर्थिक विकास के लिए अपार संभावनाएं उपलब्ध करवाते है। पलायन एवं बेरोजगारी जैसी चुनौतियों से पार पाने के लिए हिमालय के सभी संसाधनों को सरंक्षित रखते हुए उनका पूरी तरह से सदुपयोग करना आज समय की मांग है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने कहा कि हिमालयी संसाधनों के संरक्षण और उनके समग्र विकास के लिए एक रोड मैप तैयार कर उसे आम जनजीवन और सरकार की नीतियों से जुड़ना समय की मांग है।

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