अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने निकाला कैंडल मार्च

देहरादून, गढ़वाल का विकास डॉट कॉम। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने तथा भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में आज उत्तराखंड कांग्रेस द्वारा प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। कांग्रेस भवन से शुरू हुआ यह मार्च घंटाघर होते हुए कांग्रेस भवन तक वापिस आया। हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नेताओं और पदाधिकारियों ने भाग लिया।

कैंडल मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग करते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। पूरे मार्च के दौरान “अंकिता हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं” और “दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करो” जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा।

अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड की अस्मिता, महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला है। अंकिता के माता-पिता लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और प्रदेश की जनता इस मामले में उठ रहे सवालों के जवाब चाहती है। इसके बावजूद कथित वीआईपी दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर जनता में आक्रोश है।

उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय दिलाना केवल उसके परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी है। जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलता और इस मामले में उठ रहे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।

कैंडल मार्च अंकिता भंडारी को न्याय की मांग को बुलंद करने और प्रदेश की जनता के आक्रोश को सामने लाने का माध्यम है। पार्टी इस मुद्दे को प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उठाती रहेगी।

कैंडल मार्च में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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