विदित हो कि नैनीताल हाईकोर्ट ने इस मामले में निर्णय सुरक्षित रखा था। कोर्ट इस मामले पर 29 जून से लगातार सुनवाई कर रही थी। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई थी। मामले के अनुसार सुब्रमण्यम स्वामी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश सरकार की ओर से चारधाम के मंदिरों के प्रबंधन को लेकर लाया गया देवस्थानम बोर्ड एक्ट असांविधानिक है।