गढ़वाल का विकास न्यूज, देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की गढ़वाल मंडल प्रभारी गरिमा मेहरा दसौनी ने CMIE (सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी) की रिपोर्ट के खुलासे के बाद उत्तराखंड की प्रचंड बहुमत और डबल इंजन की सरकार के ऊपर धावा बोला है। दसोनी ने कहा कि आज सीएमआईई की रिपोर्ट ने दूध का दूध पानी का पानी कर दिया है इस रिपोर्ट ने यह दिखा दिया है भाजपा की सरकार के नेताओं के दावे कितने खोखले हैं। दसोनी ने कहा कि आज रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हो गया कि कांग्रेस ने जब 2017 मार्च में सत्ता छोड़ी उस महीने प्रदेश की बेरोजगारी दर 0.3% पर थी लेकिन जून 2017 से वीजनलेस सरकार के चलते लगातार प्रदेश में बेरोजगारी दर बढ़ने लगी। दसोनी ने बताया कि जिस बेरोजगारी को कांग्रेस 0.3% पर छोड़ कर गई थी वह लगातार सुरसा का रूप धारण करती चली गई और भाजपा इसे कंट्रोल कर पाने में पूरी तरह से विफल साबित हुई। दसोनी ने कहा कि इसे विडंबना ही कहा जा सकता है की भाजपा को न राज्य चलाना आया न सरकार और न बेरोजगारी दर कम करना।
दसोनी ने सीएमआईई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा की प्रदेश में बेरोजगारी का आलम भाजपा की सरकार में यहां तक बढ़ा के मार्च 2020 में बेरोज़गारी दर बढ़कर 19.9 हो गयी और फिर हाल इतना बुरा हुआ कि सितंबर 2020 में तो यह दर देश के उच्चतम यानी 22.3% पहुंच गई ।यानी इसका सीधे-सीधे अर्थ है कि प्रचंड बहुमत और डबल इंजन की सरकार बढ़ती बेरोजगारी दर को रोक पाने में पूरी तरह से विफल साबित हुई। इस जुलाई 2021 में जो बेरोजगारी दर 3.2% थी वह मात्र 1 महीने में दोगुनी होकर 6.2% पर पहुंच गई है और वही 3 बयान बहादुर मुख्यमंत्री इस प्रदेश में बेरोजगारी को दूर करने के बड़ी-बड़ी बातें करते हुए देखे जा सकते हैं लेकिन धरातल की जमीनी हकीकत कुछ और ही है दसोनी ने कहा कि इसीलिए कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश के युवाओं से वादा किया है कि 2022 में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आते ही उत्तराखंड राज्य को रोजगार के क्षेत्र में पूरे देश के एक मॉडल राज्य के रूप में विकसित करेगी ।हर हाथ को काम मिलेगा फिर चाहे वह सरकारी नौकरी के माध्यम से हो स्वरोजगार के माध्यम से हो और यदि किसी को नहीं भी मिल पाया तो न्याय योजना के अंतर्गत उसे सालाना बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। दसोनी ने कहा कि एक बात तो सीएमआईई की रिपोर्ट ने साफ कर दी के रोजगार के क्षेत्र में प्रचंड बहुमत डबल इंजन की सरकार बिल्कुल ही फिसड्डी निकली। इसके लिए राज्य सरकार को प्रदेश के युवाओं से माफी मांगने चाहिए।