DM ने ली मानसून पूर्व तैयारियों के संबंध में बैठक

हल्द्वानी (गढ़वाल का विकास न्यूज)। सर्किट हाउस में मानसून पूर्व तैयारियों के संबंध में बैठक लेते हुए जिलाधिकारी श्री सविन बंसल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये वे अपने-अपने तैयारियां पूर्व कर लें। उन्होंने कहा कि सिंचाई व राजस्व विभाग अपनी बाढ चैकियां संचालित करते हुऐ 24 घण्टे कार्मिकों की तैनाती करे तथा प्रत्येक तहसील में कन्ट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश उपजिलाधिकारी को दिये। उन्होंने लोनिवि, राष्ट्रीय राजमार्ग व पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे वर्षाकाल से पूर्व सड़को की नालियां व स्कबर की सफाई करे तांकि सड़क के टूटने व जल भराव से बचा जा सके। उन्होने आपदा के दौरान भूस्खलन से संवेदनशील सड़क मार्गो को चिन्हित कर सड़क से दोनो तरफ जेसीबी तैनात करने के निर्देश दियें तांकि सडक अवरूद्ध होने पर कम से कम समय पर यात्रायात बहाल किया जा सके। उन्होने संवेदनशील पुलों, पुलियों की जांच करने के साथ ही वैकल्पिक मार्ग चिन्हित करने के निर्देश दिये तांकि सड़क मार्ग अवरूद्ध होने पर वैकल्पिक मार्गो का उपयोग किये जा सके। उन्होने लोनिवि, नगर निकाय व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये की वे शहरों व शहरीय क्षेत्रों से लगे क्षेत्रों में नहरो तथा नालियों की सफाई करे तंाकि जल भराव से न होने पाएं। उन्होंने सड़क महकमें अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़कों के ऊपर जो पेड जीर्णक्षीर्ण गिरने के अवस्था में है उन्हें चिन्हित कर वर्षाकाल से पूर्व उनका कटान करालें।

जिलिािधकारी श्री बंसल ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये वे अपनी बाढ चैकियों को सक्रिय करे व उनमें कमचरियों की तैनाती करे। बाढ चैकियों वायरलैस सेट लगाये तांकि बाढ आपदा के समय संचार व्यवस्था दुरूस्त रहे। उन्हांेने कहा कि पहाडी क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा होने पर मैदानी क्षेत्रों में की नदियों में बाढ की संम्भावना बड़ जाती है इसलिए नदी के डाउन स्टीम में रहने वाले परिवारों को चिन्हित कर बाढ की पहले ही चेतावनी जारी की जायें। उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिये की वे मानसून से पूर्व जल स्रोत्रो, पेयजल टेकों की सफाई व क्लोरिनाइजेशन करें। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारियों को वर्षाकाल पूर्व पहाडी क्षेत्रों के गोदाम में तीन माह के लिए पर्याप्त खाद्यान व अन्य आवश्यक वस्तुएं भण्डारण करने के निर्देश दियें। उन्हांेने कहा कि खाद्यान किट व टेन्ट आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाये। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को वर्षाकाल में होने वाले बिमारियों संबंधित पर्याप्त दवाऐं रखने व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं हेतु चारा बैंक में चारा व दवाऐं रखने के निर्देश दिये।उन्होेने वर्षाकाल से पूर्व सभी पशुओं में गल घोटू, खुरपका-मुक पका संक्रमण बिमारियों को रोकन के लिए अभियान चलाकर टीकाकरण कराएं। उन्हांेनेे विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये की वे मानसून दौरान सुचारू विद्युत उपलब्ध कराने हेतु जंगलो से गुजर रही विद्युत लाईन के ऊपर आ रही पेडों की शाखों की छटाई करें तथा पहाडी क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर, विद्युत पोल, तार, कन्डेक्टर आदि भण्डारण करे।

जिलाधिकारी श्री बंसल ने तहसीलों में उपलब्ध आपदा उपकरण की जांच करनंे तथा उनकी आॅयलिग- ग्रिसिंग कराने व वायरलैस सेट चालू रखने के निर्देश उपजिलाधिकारी को दिये। उन्हांेने वर्षाकाल में आपदा दौरान जलभराव क्षेत्रों अथवा आपदा से संवेदनशील क्षेत्रों में राहत शिविरों हेतु भवनो व हैलीपेड हेतु स्थान चिन्हित करने के निर्देश भी दिये।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा व मुख्य विकास अधिकारी विनीत कुमार ने आपदा दौरान प्रयोग होने वाले उपलब्ध उपकरणों की जांच करने के साथ ही उन्हे संचालित करने हेतु कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सड़को के बन्द होने व खुलने की सूचनाऐं तुरन्त कन्ट्रोल रूम व वाट्सप ग्रुप में दे तांकि रियल टाइम सूचनाऐं प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि आपदा संवेदनशील तहसीलवार, ग्रामवार, रोड मेपिंग की जाये।उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में पहाडी क्षेत्रों में अतिरिक्त वर्षा होने से नदी, नालों में बने रपटों में हमेशा वाहनों को बहने की का भय बना रहता है इसलिए रपटो के दोनो ओर सूचना पटो के साथ ही बैरियर लगाये जाये तांकि रपटो में अधिक पानी बहाव के समय यात्रायात को दोनो ओर से रोका जा सके।

बैठक में अपर जिलाधिकारी केएस टोलिया, एसएस जंगपांगी, प्रभागीय वनाधिकारी बीजू लाल टीआर, नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया, आरटीओ राजीव मेहरा, अधीक्षण अभियंता लोनिवि आरएस रावत, सिंचाई संजय शुक्ला, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, उपजिलाधिकारी विवेक राय, अधिशासी अभियंता जल संस्थान विशाल सक्सेना, मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. पीएस भण्डारी , डाॅ बलवीर सिंह आदि मौजूद थे।

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