सेना की पश्चिमी कमान के जनरल आफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह ने परेड की ली सलामी, 9 मित्र देशों के 84 युवा सैन्य अधिकारी भी हुए पास आउट
गढ़वाल का विकास न्यूज, देहरादून। सेना के बैंड की धुन के बीच सीना ताने व एक साथ कदमताल करते हुए 425 जेंटलमैन कैडेट अंतिम पग को पार कर सेना की मुख्य धारा से जुड़ गये। इसके साथ ही भारतीय सेना को भी 341 युवा सैन्याधिकारी मिल गए।
मौका था देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) की पासिंग आउट परेड (पीओपी) का। कोरोना संक्रमण के चलते आयोजन सादगी से हुआ। इस बार भी इस विशेष घड़ी में सैन्य अफसर बनने वाले युवाओं के परिजन मौके से परेड का नजारा नहीं देख पाए। वे घरों से ही इन रणबांकुरों के सेना में शामिल होने का नजारा देख पाए। POP प्रात: पौने 6 बजे आरंभ होनी थी, लेकिन तड़के करीब 4 बजे भारी बारिश के चलते परेड के समय में परिवर्तन किया गया और सुबह आठ बजे परेड आरंभ हुई। इस मौके पर सेना की पश्चिमी कमान के जनरल आफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह ने बतौर रिव्यूइंग आफिसर परेड की सलामी ली।
परेड के उपरांत आयोजित होने वाली पीपिंग व ओथ सेरेमनी के बाद पास आउट बैच के 425 जेंटलमैन कैडेट सेना के अभिन्न अंग बन गए। इनमें 341 युवा सैन्य अधिकारी भारतीय थल सेना को मिले। बाकी 84 युवा सैन्य अधिकारी 9 मित्र देशों अफगानिस्तान, तजाकिस्तान, भूटान, मारीशस, श्रीलंका, वियतनाम, टोंगा, मालदीव और किर्गिस्तान की सेना के अभिन्न अंग बनेंगे।
इसके साथ ही आइएमए के नाम देश-विदेश की सेना को 63381 सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ गया। इनमें मित्र देशों को मिले 2656 सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। पीओपी के मद्देनजर अकादमी के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई थी।
कैडेट मुकेश कुमार को स्वार्ड ऑफ ऑनर
ले जनरल सिंह ने कैडेटों को ओवरऑल बेस्ट परफॉर्मेंस व अन्य उत्कृष्ट सम्मान से नवाजा। कैडेट मुकेश कुमार को स्वार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। दीपक सिंह को स्वर्ण, मुकेश कुमार को रजत व लवनीत सिंह को कांस्य पदक मिला। दक्ष कुमार पंत ने सिल्वर मेडल (टीजी) हासिल किया। किन्ले नोरबू सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट चुने गए। चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ बैनर डोगराई कंपनी को मिला।
इस दौरान आइएमए कमान्डेंट ले जनरल हरिंदर सिंह,डिप्टी कमान्डेंट मेजर जनरल जगजीत सिंह मंगत समेत कई सैन्य अधिकारी मौजूद थे।