महंगाई ने तोड़ी कमर, अब UPI पर 0.4% चार्ज की मार
देहरादून, गढ़वाल का विकास डॉट कॉम। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं AICC सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में महंगाई ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गई है और अब UPI ट्रांसफर पर चार्ज लगाकर सरकार आम आदमी की जेब पर डाका डाल रही है।
*पुख्ता सरकारी आंकड़े खुद गवाही दे रहे हैं:*
*1. थोक महंगाई (WPI) 10% के करीब -* वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार अगस्त 2026 में थोक महंगाई दर *9.92%* रही, जो इस नई सीरीज का दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।
– ईंधन और बिजली महंगाई *22.93%*
– मिनरल ऑयल / पेट्रोलियम उत्पाद *38.48%*
– मैन्युफैक्चरिंग उत्पाद *8.37%* – सीरीज का उच्चतम स्तर 3489
*2. खुदरा महंगाई (CPI) 8 महीने के उच्चतम पर -* सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार अगस्त में खुदरा महंगाई *4.82%* हो गई, जो जनवरी के 2.74% से लगभग दोगुनी है।
– खुदरा खाद्य महंगाई *5.95%*
– प्याज *48.27%*, लहसुन *43.60%*, अदरक *73.82%* महंगा
– चीनी के थोक दाम एक महीने में 14% बढ़े
*3. हर जरूरी सामान आसमान पर:* दूध, चीनी, रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल, दाल, तेल – आम उपभोग की हर वस्तु ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। ग्रामीण महंगाई 5.23% तक पहुँच गई है।
*अब UPI पर चार्ज का नया बोझ:*
श्री धस्माना ने कहा कि जनता पहले से त्राहिमाम कर रही है, ऊपर से NPCI ने 15 अक्टूबर 2026 से *2000 रुपये से अधिक के व्यापारी भुगतान (P2M) पर 0.4% MDR* लगाने का ऐलान कर दिया है, जो अधिकतम 300 रुपये तक होगा। सरकार कह रही है यह ग्राहक पर नहीं, व्यापारी पर लगेगा, लेकिन छोटा व्यापारी अंततः यह बोझ ग्राहक पर ही डालेगा। 95% लेन-देन फ्री का दावा झूठा दिलासा है।
उन्होंने कहा – नोटबंदी, गलत GST और अब UPI पर चार्ज, ये सभी आम जनता की गाढ़ी कमाई लूटने की योजनाएं हैं। थोक महंगाई 10% के पास है तो खुदरा पर इसका असर आना तय है। भाजपा सरकार महंगाई रोकने में पूरी तरह फेल है।