अब तक घोषणा पत्र जारी न कर भाजपा ने चुनाव पूर्व ही स्वीकार की अपनी हार
08 फरवरी, गढ़वाल का विकास डॉट कॉम, देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता प्रोफेसर गौरव वल्लभ एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने संयुक्त रुप से कहा कि अब तक अपना घोषणा पत्र नहीं बना सके वह युवाओं को क्या रोजगार पत्र देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा द्वारा तक घोषणा पत्र जारी न करना उनके चुनाव से पूर्व ही अपनी हार स्वीकार करने की ओर इशारा कर रहा है।
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के चुनाव में अब मात्र 5 दिन का समय शेष है, लेकिन अब तक भाजपा की डबल भ्रष्टाचारी सरकार अपना घोषणापत्र तक नहीं लेकर आ पाई। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि कि भाजपा चुनाव पूर्व ही अपनी हार स्वीकार कर चुकी है और उसके पास उत्तराखंड वासियों के सामने कहने के लिए नया कुछ नहीं है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि विगत 5 वर्ष में भाजपा ने जो 2017 चुनाव के पूर्व घोषणा पत्र जारी किया था उसमें से एक काम भी पूरा नहीं किया इसलिए कांग्रेस कहती है कि जो नहीं लिख सकते अपना घोषणा पत्र उन्हें चुनाव पूर्व ही दे देना चाहिए अपना त्यागपत्र।
*तथाकथित डबल इंजन ने दी डबल बेरोजगारी*
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मनरेगा के 8.39 लाख एक्टिव कार्ड होल्डर्स है। राज्य में 2020-21 के दौरान मनरेगा का बजट 299 करोड़ का था 2021-22 में घटकर 200 करोड़ का हो गया। अब जब केंद्र सरकार ने देश के मनरेगा का बजट 98 हजार करोड़ से एक चौथाई कम कर 73 हजार करोड़ कर दिया है तो उत्तराखंड मनरेगा के तहत मिलने वाले रोजगार में और भारी कटौती होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में रोजगार गारंटी वाली 100 दिन के रोजगार गारंटी वाली इस योजना में 2019-2020 परिवार में प्रति परिवार औसत रोजगार 40.9 दिन था जो 2021-2022 में घटकर 38.13 दिन रह गया और अब बजट और कम होने के बाद इसकी स्थिति और खराब हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि डबल बेरोजगारी देने वाली सरकार द्वारा की गई इस कटौती से मैदानी क्षेत्र वह पहाड़ी जनपद जहां खेती खराब होने के बाद मनरेगा ही एकमात्र रोजी रोटी का जरिया बन चुका है इस कटौती से सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। पत्रकार वार्ता का संचालन प्रदेश मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने किया। इस मौके पर संगठन महामंत्री मथुरा दत्त जोशी महामंत्री विजय सारस्वत महानगर अध्यक्ष लाल शर्मा कोमल वोहरा शांति रावत मुख्य रूप से मौजूद रहे।