खरोला ने विधायक अग्रवाल को दी बहस की चुनौती

ऋषिकेश विधानसभा की जनता को न्याय मिलने तक जारी रहेगी लड़ाई

गढ़वाल का विकास न्यूज,देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राजपाल खरोला ने आज नेपाली फार्म धरना स्थल पर एक लाइव डिबेट कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्रीय विधायक विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को बहस की खुली चुनौती दी हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि टोल प्लाजा न बनाएं जाने को लेकर उनके द्वारा एक पत्र भी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय में दिया गया है।

खरोला ने कहा विगत 2 दिन पूर्व क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल जी द्वारा उनके क्षेत्रीय कार्यालय में उनके द्वारा 45 मिनट तक ऋषिकेश के विषय में कुछ लोगों को जानकारियां दी गई इन जानकारियों में छिददरवाला टोल प्लाजा के विषय में उनके द्वारा काफी कुछ कहा गया। उन्होंने 24 मई से लेकर के 5 जून तक का जो ब्यौरा दिया उसमे उनके द्वारा बताया गया के टोल प्लाजा निरस्त करने के लिए उन्होंने क्षेत्रीय सांसद, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से निवेदन किया था लेकिन कही से भी से कोई भी टोल प्लाजा निरस्तीकरण का आश्वासन नहीं मिल पाया उसके बाद उत्तराखंड के सचिव आरके सुधांशु ने उनको आश्वासन दिया और उस आश्वासन के आधार पर उन्होंने प्रधान संगठन के लोगों को और क्षेत्रीय लोगों को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यह कहा कि अब मैं संतुष्ट हूं और अब टोल प्लाजा नहीं बनेगा।

खरोला, ने क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल पर आरोप लगाते हुए कहा यदि क्षेत्रीय सांसद, मुख्यमंत्री व केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री द्वारा कोई आश्वासन नहीं दिया गया तो फिर आरके सुधांशु जैसे एक ब्यूरोक्रेट द्वारा दिए गए आश्वासन पर प्रेमचंद अग्रवाल कैसे संतुष्ट हो गए यह एक बड़ा सवाल है, इस सवाल का आज भी क्षेत्रीय विधायक के पास कोई जवाब नहीं है।

खरोला ने प्रेमचंद अग्रवाल पर आरोप लगाते हुए कहा यदि उनकी बात में जरा सी भी सच्चाई है तो केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री गडकरी जी के कार्यलय से लिखित में टोल प्लाजा निरस्तीकरण का आदेश लेकर के आते है तो उसी वक्त यह धरना समाप्त कर दिया जाएगा ।

खरोला ने क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल पर आरोप लगाते हुए कहा के निरस्तीकरण के सिर्फ एक आश्वासन पर उन्होंने जो फूल मालाएं पहनने व आतिशबाजी करने का जो कृत्य किया है वह निंदनीय है और जब छिददरवाला टोल प्लाजा के निरस्तीकरण का लिखित आदेश आएगा तो क्षेत्रीय विधायक को फूल माला पहनने के बजाय उन्हें उसी टोल प्लाजा के पास जाकर सार्वजनिक रूप से ऋषिकेश विधानसभा की जनता से माफी मांगनी पड़ेगी की गलती से यहाँ पर टोल प्लाजा प्रस्तावित हो गया था।

खरोला ने कहा कि टोल प्लाजा निरस्त हो ना कोई बहुत बड़ी उपलब्धि नहीं मानी जाएगी, क्योंकि NH के नियमानुसार 60 किलोमीटर के दायरे में दो टोल प्लाजा नहीं हो सकते जबकि यह 20 किलोमीटर के अंतर्गत बनाया जा रहा है इसलिए जब भी टोल प्लाजा निरस्त होगा विधायक फूल माला ना पहनकर ऋषिकेश विधानसभा की जनता से केंद्र सरकार की ओर से व जनता को टोल प्लाजा के मुद्दे में भटकाने के लिए माफी मांगने का काम करें क्योंकि क्युकी उनके द्वारा की गयी गलती को सुधार माना जाएगा ना कि उनकी उपलब्धि मानी जाएगी

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