– अमित शाह की पदयात्रा से जनता को होगी परेशानीः प्रीतम सिंह,
– धनतेरस पर दून दौरा जनता के लिए असुविधा का बनेगा कारण
देहरादून, गढ़वाल का विकास डॉट कॉम। प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष, चकराता विधायक व पूर्व मंत्री प्रीतम सिंह ने भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश में निकाली जा रही लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि यह बेहद हास्यास्पद है कि जिस पार्टी की केन्द्र और राज्य दोनों जगह सरकारें हैं, वही पार्टी लोकतंत्र बचाने के लिए यात्रा निकाल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर लोकतंत्र को खतरा किससे है।
उन्होंने कहा कि जब सत्ता स्वयं भाजपा के हाथों में है, तो उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि लोकतंत्र को बचाने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है और प्रदेश में अराजकता फैलाने के लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा कि बीती एक नवंबर को विपक्षी दलों की लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व रामलीला मैदान में होने वाली रैली से व्यापारियों ने जोर देकर कहा था कि इस रैली से व्यापारियों के कारोबार पर असर पडेगा, लेकिन छह नवंबर को गृह मंत्री के कार्यक्रमों एवं पदयात्रा से क्या दून के व्यापारियों का कारोबार प्रभावित नहीं होगा।
प्रीतम सिंह ने भाजपा की इस पदयात्रा के लिए गृह मंत्री अमित शाह के देहरादून दौरे पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि धनतेरस हिन्दू समाज का एक महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन बाजारों में भारी चहल-पहल रहती है तथा लोग खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकलते हैं। ऐसे अवसर पर गृह मंत्री का देहरादून दौरा और उसके मद्देनजर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं में होने वाले बदलाव आम जनता के साथ-साथ व्यापारियों के लिए भी परेशानी का कारण बनेंगे।
उन्होंने कहा कि धनतेरस का दिन व्यापारियों के लिए वर्ष के सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक दिनों में से एक होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध, रूट डायवर्ट और सुरक्षा व्यवस्था के चलते बाजारों में आने-जाने वाले ग्राहकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, जिसका सीधा असर व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा को असल मे उसे जनता की परेशानियों से कोई लेना देना नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को लोकतंत्र और अराजकता की चिंता करने से पहले अपने शासनकाल के कार्यों और नीतियों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल यात्राएं निकालने और नारे लगाने से मजबूत नहीं होता, बल्कि जनता के अधिकारों का सम्मान करने, लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने और आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने से मजबूत होता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन के साथ-साथ आम जनता की सुविधाओं, व्यापारियों के हितों और त्योहारों की संवेदनशीलता का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा को तो केवल पदयात्रा निकालनी है उन्हें लोगों व व्यापारियों के हितों से किसी भी प्रकार का कोई सरोकार नहीं है।