देहरादून। जनता को गुमराह करने की नीयत से मलिन बस्तियों के सम्बन्ध में भाजपा सरकार द्वारा लाये गये विधेयक के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में राज्य की भाजपा सरकार का पुतला दहन किया गया। इसी कार्यक्रम के तहत देहरादून में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने एस्लेहाॅल चैक पर भाजपा सरकार का पुतला दहन किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भारी बारिस के बीच सैकडों कांग्रेस कार्यकर्ता आज प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रीतम सिह के नेतृत्व में कांग्रेस कमेटी कार्यालय से केन्द्र व राज्य की भाजपा सरकार के विरूद्ध नारेबाजी करते हुए ऐस्लेहाॅल की ओर गये जहां पर उन्होंने भाजपा सरकार के पुतले को आग के हवाले किया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ने भारतीय जनता पार्टी की त्रिवेन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार गरीब विरोधी है। उन्होेने कहा कि जब कांग्रेस सरकार द्वारा 10 अगस्त 2016 को मलिन बस्तियों के नियमितीकरण व मालिकाना हक तथा पुनर्वास के लिए कानून बना दिया गया था तो इसके बावजूद भाजपा सरकार के इशारे पर देहरादून प्रशासन एवं नगर निगम प्रशासन द्वारा हजारों मलिन बस्तीवासियो को अपने निर्माण हटाने अथवा सरकारी कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी का नोटिस जारी कर अपनी मानसिकता स्पष्ट कर दी है कि उसे गरीबों को कोई चिन्ता नहीं है। उन्होने कहा कि कांग्रेस भाजपा सरकार के इस कुकृत्य का सड़कों पर विरोध करना शुरू किया तो राज्य सरकार ने हडबडी में एक अध्यादेश जारी कर मलिन बस्तीवासियेां को गुमराह करने की कोशिश की।
श्री सिंह ने कहा कि इस अध्यादेश में मलिन बस्तीवासियों को 3 साल तक कार्रवाई से छूट दी गई है परन्तु उनके नियमितीकरण मालिकाना हक व पुनर्वास की कोई व्यवस्था करने का उल्लेख नहीं किया गया है। श्री प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा का यह अध्यादेश चुनावी अध्यादेश है जिसके माध्यम से वह निकाय चुनाव, लोकसभा चुनाव तक मलिन बस्तीवासियों के आक्रोश से बचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मलिन बस्तीवासी भाजपा की गरीब विरोधी मानसिकता को समझ चुके हैं और अब उसके झांसे में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कंाग्रेस पार्टी की मलिनबस्तीवासियेां के हक के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मलिन बस्तियों की इस लड़ाई को सड़क से सदन तक मजबूती से लड़ेगी तथा किसी भी बस्ती को उजड़ने नहीं देगी।
पुतला दहन करने वालों में पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, राजेन्द्र भण्डारी, मातवर सिंह कण्डारी, पूर्व विधायक राजकुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह, गोदावरी थापली, प्रमोद कुमार सिह, महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, जिलाध्यक्ष संजय किषोर, गौरव चैधरी, प्रभुलाल बहुगुणा, सुरेन्द्र रांगड़, पूर्व अध्यक्ष जयेन्द्र रमोला, पूर्व महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चैहान, प्रवक्ता डाॅ0 आर.पी. रतूड़ी, प्रदीप भट्ट, गरिमा दसौनी, महन्त विनय सारस्वत, भरत शर्मा, राजेश पाण्डे, गिरीश पुनेड़ा, राजेश शर्मा, राजेश चमोली, अजय नेगी, ताहिर अली, नीनू सहगल, अषोक वर्मा, दीवान सिंह तोमर, नागेश रतूड़ी, मोहन भण्डारी, दीप बोहरा, धर्म सिंह पंवार, प्रणीता बडोनी, षांति रावत, नवीन पयाल, कृष्णा बहुगुणा, देवेन्द्र बुटोला, जिला पंचायत सदस्य मेघ सिंह, रमेश चन्द, अभिनव थापर, अमरजीत सिंह, सुन्दरी देवी, सुनील जायसवाल, सुनित राठौर, राजीव पुंज, अषोक कोहली, जगदीष धीमान, कमलेश रमन, चन्द्रकला नेगी, पुश्पा पंवार, राजीव केशवाल, अनुराधा तिवारी, इमराना, राजेश पुण्डीर, सूरत सिंह नेगी आदि कार्यकर्ता षामिल थे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भारी बारिस के बीच सैकडों कांग्रेस कार्यकर्ता आज प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रीतम सिह के नेतृत्व में कांग्रेस कमेटी कार्यालय से केन्द्र व राज्य की भाजपा सरकार के विरूद्ध नारेबाजी करते हुए ऐस्लेहाॅल की ओर गये जहां पर उन्होंने भाजपा सरकार के पुतले को आग के हवाले किया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ने भारतीय जनता पार्टी की त्रिवेन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार गरीब विरोधी है। उन्होेने कहा कि जब कांग्रेस सरकार द्वारा 10 अगस्त 2016 को मलिन बस्तियों के नियमितीकरण व मालिकाना हक तथा पुनर्वास के लिए कानून बना दिया गया था तो इसके बावजूद भाजपा सरकार के इशारे पर देहरादून प्रशासन एवं नगर निगम प्रशासन द्वारा हजारों मलिन बस्तीवासियो को अपने निर्माण हटाने अथवा सरकारी कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी का नोटिस जारी कर अपनी मानसिकता स्पष्ट कर दी है कि उसे गरीबों को कोई चिन्ता नहीं है। उन्होने कहा कि कांग्रेस भाजपा सरकार के इस कुकृत्य का सड़कों पर विरोध करना शुरू किया तो राज्य सरकार ने हडबडी में एक अध्यादेश जारी कर मलिन बस्तीवासियेां को गुमराह करने की कोशिश की।
श्री सिंह ने कहा कि इस अध्यादेश में मलिन बस्तीवासियों को 3 साल तक कार्रवाई से छूट दी गई है परन्तु उनके नियमितीकरण मालिकाना हक व पुनर्वास की कोई व्यवस्था करने का उल्लेख नहीं किया गया है। श्री प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा का यह अध्यादेश चुनावी अध्यादेश है जिसके माध्यम से वह निकाय चुनाव, लोकसभा चुनाव तक मलिन बस्तीवासियों के आक्रोश से बचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मलिन बस्तीवासी भाजपा की गरीब विरोधी मानसिकता को समझ चुके हैं और अब उसके झांसे में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कंाग्रेस पार्टी की मलिनबस्तीवासियेां के हक के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मलिन बस्तियों की इस लड़ाई को सड़क से सदन तक मजबूती से लड़ेगी तथा किसी भी बस्ती को उजड़ने नहीं देगी।
पुतला दहन करने वालों में पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, राजेन्द्र भण्डारी, मातवर सिंह कण्डारी, पूर्व विधायक राजकुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह, गोदावरी थापली, प्रमोद कुमार सिह, महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, जिलाध्यक्ष संजय किषोर, गौरव चैधरी, प्रभुलाल बहुगुणा, सुरेन्द्र रांगड़, पूर्व अध्यक्ष जयेन्द्र रमोला, पूर्व महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चैहान, प्रवक्ता डाॅ0 आर.पी. रतूड़ी, प्रदीप भट्ट, गरिमा दसौनी, महन्त विनय सारस्वत, भरत शर्मा, राजेश पाण्डे, गिरीश पुनेड़ा, राजेश शर्मा, राजेश चमोली, अजय नेगी, ताहिर अली, नीनू सहगल, अषोक वर्मा, दीवान सिंह तोमर, नागेश रतूड़ी, मोहन भण्डारी, दीप बोहरा, धर्म सिंह पंवार, प्रणीता बडोनी, षांति रावत, नवीन पयाल, कृष्णा बहुगुणा, देवेन्द्र बुटोला, जिला पंचायत सदस्य मेघ सिंह, रमेश चन्द, अभिनव थापर, अमरजीत सिंह, सुन्दरी देवी, सुनील जायसवाल, सुनित राठौर, राजीव पुंज, अषोक कोहली, जगदीष धीमान, कमलेश रमन, चन्द्रकला नेगी, पुश्पा पंवार, राजीव केशवाल, अनुराधा तिवारी, इमराना, राजेश पुण्डीर, सूरत सिंह नेगी आदि कार्यकर्ता षामिल थे।