इन प्रस्तावों पर लगी उत्तराखंड कैबिनेट की मुहर

देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)।  उत्तराखंड कैबिनेट की आहूत बैठक में एक दर्जन फैसलों पर मुहर लगी, जबकि दो प्रस्तावों को पुनर्विचार के लिए लौटा दिया। इस दौरान कैबिनेट ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की बेटियों को भी शामिल करने व सस्ते.गल्ले की दुकान में हर माह दो किलो दाल सस्ती दरों पर लाभार्थियों को देने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया। आयोजित की गई कैबिनेट बैठक में लाए गए 14 प्रस्तावों में से 12 प्रस्ताव पर मुहर लगी और दो प्रस्ताव पुनर्विचार के लिए लौटाए गए। कैबिनेट मंत्री और शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि कैबिनेट ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को आरक्षण मामले में संशोधन किया है जिसके तहत अब स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों में बेटियों को भी शामिल किया गया है। आइए जानते हैं बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले….
कैबिनेट के फैसले
– राजकीय महाविद्यालयों में गेस्ट फैकल्टी को हर महीने 35 हजार रुपये वेतन दिया जाएगा। इसके लिए इन्हें 40 पीरियड पढ़ाने होंगे। टाइम टेबल बनाने की जिम्मेदारी कॉलेज की होगी। इससे कुल 557 गेस्ट टीचरों को लाभ मिलने की संभावना है।
– आरक्षण अधिनियम 1993 के तहत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की पुत्रियों को भी अब आरक्षण के दायरे में लिया गया है।
– मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना के अन्तर्गत कुल 23,80,000 राशन कार्ड धारकों को मसूर, चना, मलका दाल के अन्तर्गत कुल 2 किलो दाल के लिए 15 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। दाल की कीमत भारत सरकार निर्धारित करेगी।
– सचिवालय स्तर पर अब स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग का एकीकरण किया गया।
– सूचना प्रौद्योगिकी और विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का सचिवालय के स्तर पर एक एकीकरण किया गया है।
– आयुर्वेद विश्व विद्यालय के पूर्व कुल सचिव मृत्युंजय मिश्रा को उनकी मूल उच्च शिक्षा में भेजा गया।
– शासन स्तर पर योजानओं परियोजनाओं के गठित वित्त समिति मुख्य सचिव द्वारा नामित प्रमुख सचिव अध्यक्ष होंगे। अन्य विभागीय सचिव भी शामिल रहेंगे।
– उत्तराखण्ड लोक सेवा अभिकरण के तहत शिकायतों का कार्य सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को दिया गया है।
– सरकारी सेवाओं/निगम/सार्वजनिक उद्यम/शिक्षण संस्थाओं में सीधी भर्ती के लिए आरक्षण व्यवस्था, रोस्टर पुर्ननिर्धारण के लिए कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। इसके कमेटी के अन्य सदस्य कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और केबिनेट मंत्री अरविन्द पाण्डेय भी रहेंगे।
– उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जजों के लिए चिकित्सा प्रति पूर्ति के मामले में सुप्रीमकोर्ट के आदेश का अनुपालन करने का फैसला।
– उत्तराखण्ड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम-2003 एक्ट में संशोधन के अन्तर्गत अधिक सवारी पर प्रति सीट 25 रुपये और वातानुकुलित के लिए 40 रुपये जुर्माने के वृद्धि दर को वापस लिया गया। पूर्व व्यवस्था के अनुसार अधिक सवारी पाए जाने पर 5 गुना जुर्माना लिया जाएगा। इसमें ड्राइवर कन्डक्टर शामिल नहीं होंगे।

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