हरिद्वार/देहरादून,(गढ़वाल का विकास न्यूज)। कोरोना के चलते कुंभ 2021 की अनिश्चितताओं के बीच अब धर्मनगरी के प्रमुख कांवड़ पर्व पर भी कोरोना के बादल मंडरा रहे हैं। 6 जुलाई से आरंभ होने वाले कांवड़ मेले के टलने की भी इस वर्ष पूरी संभावनाएं हैं।इसका स्वरूप अब कैसा हो,सरकार इसपर मंथन कर रही है।
सावन का कांवड़ मेला हरिद्वार का करीब पखवाड़े तक चलने वाला प्रमुख मेला व स्नान पर्व है।इन तेरह दिनों में भी इस मेले में कुंभ की संख्या जितने ही श्रद्धालु जल लेने व स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचते हैं।गत वर्ष करीब पौने पांच करोड़ कांवडि़ये श्रावण मेले में कांवड़ लेने हरिद्वार पहुंचे थे।हरवर्ष कांवडियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।लेकिन इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते कांवड़ की यह लंबी परंपरा टूटने जा रही है।कोविड संक्रमण के चलते शासन-प्रशासन इसबार सावन में कांवड़ यात्रा को स्थगित करने जा रहा है।कांवडियों का आगमन न होने पर भी लोग त्रियोदशी के दिन अपने अपने शिवालयों में जलाभिषेक कर सकें। इसपर भी विचार चल रहा है। आनेवाले दिनों में राज्य सरकार इस कांवड़ मेले को लेकर हरियाणा व यूपी से भी वार्ता करने वाली है।जिसपर मंत्री मंडलीय बैठक में निर्णय हो चुका है।एक विकल्प के तौर पर टैंकरों के द्वारा हरिद्वार से कांवडियों के राज्यों में गंगाजल भेजने पर भी विचार चल रहा है।जहां राज्य सरकारें कांवडियों में यह जल वितरित करेंगी।इस स्थिति में कांवडिये बिना हरिद्वार आए हुए भी श्रावण जलाभिषेक की परंपरा को जारी रख पाएंगे।
सावन के कांवड़ मेले का हरिद्वार की आर्थिकी से भी बड़ा जुडा़व है।करोड़ों की संख्या में आने वाले कांवडि़ये हरिद्वार सहित राज्य में भ्रमण के दौरान करोड़ो रुपये के राजस्व के साथ साथ बड़ी संख्या में छोटी-मोटी वस्तुओं व कांवड़ सामग्री की खरीदारी, होटलों में ठहरने,खाने के रुप में करोडों रुपये के कारोबार को गति दे जाते हैं।लेकिन कोरोना के कारण इसवर्ष कांवड़ मेला रद्द होने से इन सारी गतिविधियों पर भी विराम लग सकता है।

इधर अशोक कुमार, एडीजी कानून- व्यवस्था उत्तराखंड ने कहा कि कांवड़ मेले को लेकर कोई भी निर्णय शासन स्तर पर ही लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इसको लेकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा सरकारों से बातचीत चल रही है। संभवतः आने वाले दिनों में इसपर कोई निर्णय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना प्रसार के चलते फिलहाल करोड़ो कांवडियों के इस मेले के होने की संभावना नहीं है।