उत्तराखंड: कांग्रेस प्रदेश महामंत्री ने पार्टी पदाधिकारियो के साथ की बैठक

देहरादून,(गढ़वाल का विकास न्यूज)। कोरोना महामारी के चलते जरूरतमंदों की सहायता हेतु स्थापित प्रदेश कांग्रेस के कन्ट्रोल रूम प्रभारी प्रदेश महामंत्री विजय सारस्वत ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक के माध्यम से चर्चा करते हुए अलग-अलग प्रदेशों में लाॅक डाउन के कारण फंसे राज्यवासियों की जानकारी प्राप्त करने के साथ ही ऐसे लोगों से दूरभाष पर वार्ता कर उनकी स्थिति का जायजा लिया तथा सम्बन्धित राज्य सरकार द्वारा उनकी घर वापसी के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।

बैठक में उपस्थित पार्टी कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जा रही खाद्यान्न सामग्री, भोजन व्यवस्था तथा सुरक्षा उपकरणों की जानकारी दी तथा विभिन्न प्रदेशों मंे फंसे राज्य के श्रमिकों तथा अन्य नागरिकों की जानकारी से भी कन्ट्रोल रूम को अवगत कराया।

इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री संगठन विजय सारस्वत ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार एवं उत्तराखण्ड की त्रिवेन्द्र सरकार द्वारा लाॅक डाउन के कारण अन्य प्रदेशों में फंसे श्रमिकों को लगातार गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो सरकार कहती है कि श्रमिकों को वापस लाने के लिए विशेष रेल चलाई जा रही हैं वहीं दूसरी ओर बयान जारी करती है कि रेल का टिकट कन्फर्म होने के बाद ही यात्रा की इजाजत दी जायेगी तथा टिकट की बुकिंग आॅन लाईन करनी पडेगी। उन्होंने कहा कि जिस श्रमिक के पास दो वक्त की रोटी के लिए धन नहीं है वह कहा से टिकट बुक करायेगा तथा उसे आॅन लाईन बुकिंग की सुविधा कहां से मिल पायेगी?

विजय सारस्वत ने यह भी कहा कि कोरोना महामारी के चलते पहले से मंहगाई की मार झेल रहे नागरिकों से उत्तराखण्ड सरकार द्वारा कोरोना टैक्स के नाम मंहगाई का बोझ डाला जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ाने के साथ ही शराब के दाम बढ़ाकर जनता की गाढ़ी कमाई में डाका डालने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को चाहिए था कि आम आदमी को राहत देने के लिए बिजली, पानी, हाउस टैक्स को माफ किया जाना चाहिए था परन्तु इसके विपरीत यह देखने में आया है कि बिना बिजली की रीडिंग के ही हजारों रूपये के बिल आ रहे हैं तथा बिलों को आॅन लाईन जमा करने का दबाव जनता पर डाला जा रहा है।

महामंत्री संगठन ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री राहत कोष के नाम पर अभी तक कितनी धनराशि लोगों द्वारा दान की गई है इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए तथा केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को कितनी राशि सहायता के रूप में दी गई है तथा राज्य सरकार द्वारा इस राशि को किस मद में खर्च किया गया है इसका खुलासा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार मुख्यमंत्री राहत कोष में सहायता के नाम पर कितना धन एकत्र हुआ है तथा राज्य सरकार द्वारा इसका क्या उपयोग किया गया है आम जनता को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए।

बैठक में पूर्व मंत्री अजय सिंह, पूर्व मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, विशेष आमंत्रित सदस्य सुभाष चाौधरी, प्रदेश सचिव कमर खान ताबी, भरत शर्मा, शोभाराम, मसूरी नगर अध्यक्ष गौरव अग्रवाल, युवा कांग्रेस महासचिव संदीप चमोली, सुनित राठौर, अभिनन्दन शर्मा, भूपेन्द नेगी, सूर्यप्रताप राणा, संदीप कुमार, सेवादल की सावित्री थापा, महिला कांग्रेस की अनुराधा तिवारी आदि उपस्थित थे।

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