देहरादून, (गढ़वाल का विकास न्यूज)। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद में मुनस्यारी-मिलम सड़क पर सोमवार को वैली ब्रिज टूट गया। हादसा उस वक्त हुआ जब पोकलैंड मशीन लेकर जा रहा ट्राला ब्रिज के ऊपर से गुजर रहा था। हादसे में दो लोगों के घायल होने की सूचना है। इस पुल के टूटने से सीमांत में सेना के साथ ही 15 से अधिक गांवों का शेष दुनिया से सड़क संपर्क कट गया है।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में सोमवार को मुनस्यारी-मिलम सड़क पर वैली ब्रिज टूट गया। उत्तराखंड-चीन सीमा पर एलएसी (Line of Actual Control) के पास यह ब्रिज टूटा है। बताया जाता है कि सोमवार सुबह करीब नौ बजे मुनस्यारी-मिलम सड़क निर्माण के लिए एक ट्राला यूके-04/सीबी-5138 पोकलैंड मशीन लेकर जा रहा था। सेनरगाड़ नदी पर बना वैली ब्रिज इस ट्राले व पोकलैंड का भार सहन नहीं कर सका और भरभराकर गिर गया। हादसे में ट्राला चालक अल्मोड़ा निवासी गोधन सिंह और पोकलैंड ऑपरेटर पंजाब निवासी लकविंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गये। दोनों का सीएचसी मुनस्यारी में उपचार चल रहा है। बताया जाता है कि सेनरगाड़ में बने वैली ब्रिज की क्षमता महज 18 टन की थी। बावजूद इसके उस पर 26 टन का पोकलैंड लदा ट्राला चढ़ा दिया गया। नतीजा यह रहा कि पुल ट्राला, पोकलैंड समेत नदी में समा गया।
वर्ष 2009 में बने इस वैली ब्रिज की एक माह पहले ही रिपेयरिंग की गई थी। मुनस्यारी-मिलम सड़क निर्माण को अंजाम तक पहुंचाने के लिए इस पुल की महत्वपूर्ण भूमिका थी। इसी पुल से होकर बीआरओ सड़क निर्माण की सामग्री मिलम पहुंचाता है। इधर, वैली ब्रिज टूटने से उच्च हिमालयी क्षेत्र स्थित धापा, लिलम, साई पोलो, बुई, पातो, जिमीघाट, कुरी जिमिया, मिलम, पाछू, गनघर, लास्पा, ल्वा, बुरफू, बिल्जू, रेलकोट सहित 15 से अधिक गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है। ये गांव अलग-थलग पड़ गए हैं।