उत्तराखंड: हरीश रावत ने दिया धरना

देहरादून। जहरीली शराब कांड व गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर पूर्व सीएम व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा के समक्ष सांकेतिक उपवास एवं धरने पर बैठे।
अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पूर्व सीएम व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा के समक्ष धरना देने के लिए पहुंचे। इस दौरान कई कार्यकर्ता हाथों में गन्ना लेकर नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। कांग्रेसियों का जुलूस जब विधानसभा की तरफ बढ़ा, तो पुलिस ने कांग्रेसियों को विधानसभा गेट से पहले रिस्पना पुल के पास रोक दिया। इस दौरान कांग्रेसियों व पुलिस कर्मियों के बीच आगे बढ़ने को लेकर नोक-झोंक भी हुई। आगे बढ़ने में असफल रहने पर हरीश रावत सड़क किनारे ही धरने पर बैठ गए।
इस अवसर पर हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार हर मुद्दे में फेल हो गई है। चीनों मिलों से गन्ना किसानों को करीब तीन सौ करोड़ का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। सरकार को किसानों की कोई चिंता तक नहीं है। इसके अलावा उन्होंने सरकार की आबकारी नीति को पूरी तरह से विफल करार दिया। उनका कहना था कि सरकार की गलत नीतियों के चलते ही जहरीली शराब का मामला सामने आया। उन्होंने साफ कहा कि जनता भाजपा को इसका जवाब जरूर देगी।
अन्य वक्ताओं ने रुड़की में शराबकांड में मारे गए लोगों के प्रति अफसोस जाहिर करते हुए सरकार की बर्खास्ती की मांग कर डाली। उन्होंने कहा कि सरकार को अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। इसके अलावा उन्होंने उत्तराखंड सरकार से अविलंब गन्ना किसानों को बकाया भुगतान करने की मांग भी की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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