देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। राज्य सरकार द्वारा पारित पंचायती राज एक्ट की कमियों के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के निर्देश पर कांग्रेस पार्टी ने प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में भाजपा सरकार का पुतला दहन किया गया। इसी कार्यक्रम के तहत देहरादून में महानगर कांग्रेस कमेटी देहरादून, जिला कांग्रेस कमेटी पछुवादून एवं जिला कांग्रेस कमेटी परवादून के संयुक्त तत्वावधान में देहरादून में भाजपा सरकार का पुतला दहन किया गया।
कांग्रेसजनों ने भाजपा की उत्तराखण्ड सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा पारित राज्य के पंचायतीराज एक्ट में आरक्षित वर्ग के लिए शैक्षिक योग्यता 8वीं पास तथा सामान्य वर्ग के लिए 10वीं पास अनिवार्य की गई है जबकि लोकसभा एवं विधानसभा के लिए शैक्षिक योग्यता का कोई प्रावधान नहीं है। वहीं राज्य सरकार द्वारा पारित पंचायतीराज एक्ट में दो बच्चों की शर्त के लिए कोई भी समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा पारित पंचायतीराज एक्ट में कई प्रकार की खामियां हैं जिसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है।
कांग्रेस पार्टी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पारित पंचायती राज एक्ट में 3 बच्चे वाले लोग पंचायत चुनाव नहीं लड़ पायेंगे। इसके लिए समय सीमा का भी उल्लेख नहीं किया गया है जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। नगर निकाय एकट में 2 बच्चों से अधिक संतान पर प्रतिबन्ध की समय सीमा निर्धारित है। कंाग्रेसजनों ने कहा कि पंचायत राज एक्ट में प्रत्याशियों के लिए 8वीं एवं 10वीं शैक्षिक योग्यता अनिवार्य की गई है, जबकि विधानसभा एवं लोकसभा निर्वाचन के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। ऐसी दशा में पंचायतों के लिए प्रत्याशी मिलना मुश्किल हो जाएगा तथा अधिकतर सीटें खाली रह जायेंगी। आरक्षित वर्ग विशेषकर अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं में शैक्षिक योग्यता का प्रतिशत कम होने के कारण इस वर्ग की महिला कोटे की सीटों पर प्रत्याशियों का चयन बहुत बडी समस्या बन सकती है। जिन ग्राम पंचायतों में प्रत्याशी शैक्षिक योग्यता एवं बच्चों का मापदण्ड पूर्ण नहीं कर पायेंगी उनमें पंचायतों का गठन नहीं हो पायेगा। राज्यभर में 50 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों के निर्वाचन का प्रावधान है जिसके बिना पंचायतों का गठन संभव नहीं है। राज्य सरकार द्वारा इस प्रकार का कोई सर्वेक्षण नहीं कराया गया है जिससे यह प्रतिबन्ध प्रभावी हो। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी भाजपा सरकार द्वारा पारित पंचायती राज एक्ट का निम्न बिन्दुओं को दृष्टिगत रखते हुए विरोध करती है।
पंचायतों में शैक्षिक योग्यता एवं 2 बच्चों के प्रावधान के कारण जिन पंचायतों का गठन नहीं हो पायेगा उन पंचायतों में भाजपा सरकार पंचायत प्रतिनिधि को चुनाव से नहीं बल्कि नामित करके बिठा सकती है। उत्तराखंड में विधायिका पंचायतों को कमजोर करते हुए पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों पर चोट कर रही है तथा राज्य सरकार द्वारा पंचायतों को प्रयोगशाला बना दिया गया है। 2 बच्चों वाला कानून केवल पंचायतों में ही क्यों लोकसभा व विधानसभा में क्यों नहीं? शैक्षिक योग्यता वाला कानून केवल पंचायतों में ही क्यों लोकसभा व विधानसभा में क्यों नहीं? हर चुनाव से पहले आरक्षण का चक्रानुक्रम केवल पंचायतों में क्यों? हर चुनाव से पहले पंचायतों में परिसीमन क्यों? 5 साल में निर्वाचित प्रतिनिधियों से चार्ज निर्वाचित प्रतिनिधियों को क्यों नहीं, हर बार प्रशासक को क्यों? राज्य बनने के बाद का रिकॉर्ड है कि कभी भी पंचायत चुनाव समय पर नहीं होते यानी कि एक कार्यकाल खत्म होने तक दूसरे निर्वाचित सदस्यों का चुनाव नही हो पाता। लोकसभा/विधानसभा चुनाव तो अशिक्षित व्यक्ति भी लड़ सकता है, लेकिन उत्तराखंड में पंचायत चुनाव सामान्य वर्ग 10वीं पास तथा अनु.जाति व जनजाति वर्ग 8वीं पास ही ग्राम पंचायत चुनाव लड़ सकता है।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, पूर्व विधायक राजकुमार, महामंत्री गोदावरी थापली, महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, जिलाध्यक्ष पछुवादून संजय किषोर, प्रभुलाल बहुगुणा, अजय सिह, राजेश शर्मा, राजेश पाण्डे, भरत शर्मा, राजेश चमोली, अजय नेगी, दीप बोहरा, सुनित राठौर, रेणु नेगी, देवेन्द्र बुटोला, डाॅ0 विजेन्द्र पाॅल, जगदीश धीमान, अषोक कोहली, अर्जुल सोनकर, ऐतियात खान, अमरजीत, कुलदीप चैधरी, लाखीराम बिजलवाण, विपुल नौटियाल, महेश चैहान, अष्वनी बहुगुणा, नागेश रतूड़ी, महेश जोषी, ललित भद्री, अरूण शर्मा, हुकम सिह चैहान, रवि शर्मा, धर्मसिह पंवार, प्रमोद मुंषी, प्रषान्त खण्डूरी, कमलेश रमन, देवेन्द्र सिंह, सुधीर सुनेहरा, मोहन काला, सावित्री थापा, मोहित नेगी, राजवीर खत्री, विकासराज थापा, राजकुमारी, सीताराम नौटियाल, अनिल नेगी, राजेन्द्र चैहान, जगदीश चैहान, अनुराधा तिवारी, सुलेमान अली, सोमवती, अर्जुन सोनकर, निहाल सिंह चैहान, त्रिलोक सजवाण, आदर्श कुमार, पुश्पा देवी, सत्येन्द्र पंवार, अंकिता तनेजा, रोहित पुण्डीर, जगदीश चैहान, सत्यवृत त्यागी, राजकुमारी क्षेत्री, सुषीला देसाई, अमित सूरी, अंषुल कोठारी, राजू प्रजापति, प्रमोद कुमार गुप्ता, मानवेन्द्र सिंह, हिमांषु पुण्डीर, मोहम्मद साहिद, अनिल क्षेत्री, नीनू क्षेत्री, हरेन्द्र बेदी, षिवम कुमार, आषीश कुमार, रीता रानी, किशन कुमार सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित थे।