उत्तराखण्ड: 9 माह का बच्चा मात्र 6 दिन में हुआ कोरोना मुक्त

राज्य में मिला एक और कोरोना पॉजिटिव, संख्या बढ़कर हुई 47,
कोरोना नहीं, अन्य बीमारी से हुई दो लोगों की मौत: पंत
देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। उत्तराखण्ड में कोरोना वाइरस संक्रमण के अभी तक राज्य में 47 पॉजिटिव केस हो गये हैं। आज एम्स ऋषिकेश से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार पॉजिटिव पाया गया 54 वर्षीय पुरूष मरीज देहरादून स्थित कण्डोलीए सहसपुर के अरावली आक्सफोर्ड कैम्प में 11 अप्रैल से क्वारेन्टाइन किया गया था। सन्दिग्ध लक्षणों के आधार पर मरीज का सैम्पल जांच हेतु 18 अप्रैल, 2020 को एम्स ऋषिकेश की लैब को भेजा गया जिसकी आज पॉजिटिव रिपोर्ट प्राप्त हुयी है।
पॉजिटिव पाया गया व्यक्ति मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और गत दिनों दिल्ली स्थित मरकज़ से आये हुए दो जमातियों के सम्पर्क में देहरादून की एक बस्ती में रह रहा था। इससे पूर्व इस व्यक्ति के साथ क्वारेन्टाइन किये गये 04 अन्य लोगों की सैम्पल जॉच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ चुकी है और उन्हें वर्तमान में दून मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में उपचार हेतु रखा गया। इस 54 वर्षीय मरीज के पॉजिटिव आने पर उसे भी दून मेडिकल कॉलेज में उपचार हेतु भर्ती कर दिया गया है।
कोविड.19 के लिए स्थापित राज्य कन्ट्रोल रूम से नियमित हैल्थ बुलेटिन जारी करने के दौरान अपर सचिव स्वास्थ्य श्री युगल किशोर पन्त ने बताया की उत्तराखण्ड में कोविड.19 संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है। श्री पन्त के अनुसार अभी तक प्राप्त 47 पॉजिटिव मरीजों के सापेक्ष 24 मरीज उपचारित हो चुके हैंए जिस के अन्तर्गत दून मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोरोना संकमित 09 माह का बच्चा मात्र 06 दिन में कोरोना से मुक्त होकर स्वस्थ्य हो गया है। श्री पन्त ने बताया की 09 माह का यह बच्चा सम्भवतः पूरे देश में सबसे कम समय में कोविङ.19 संक्रमण से मुक्त होने वाला मरीज है।
ज्ञातव्य है कि देहरादून की भगत सिंह कालोनी में जमात से लौटे 09 माह के बच्चे के पिता कोरोना संक्रमित पाये गये थे और उनके बच्चे की तबियत बिगड़ने पर उसे भी दून अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस अवधि में बच्चे की माँ को भी क्वारेन्टाइन किया गया एवं सैम्पल जॉच के दौरान बच्चे की माँ कोविड.19 के लिए निगेटिव पायी गयी। नवजात होने के कारण अस्पताल में बच्चे के साथ मॉ को भी पूर्ण सुरक्षा के साथ रखा गया जो सम्भवतः बच्चे के जल्दी स्वस्थ्य होने का कारण भी हो सकता है।
अपर सचिव श्री पन्त ने यह जानकारी भी दी कि दिनांक 22 अप्रैल को दून मेडिकल कॉलेज के आई0सी0यू0 में भर्ती दो मरीजों की मृत्यु को कोरोना वाइरस संक्रमण के संदिग्ध मरीज के तौर पर देखा जा रहा था लेकिन उक्त दोनों मृत व्यक्तियों के सैम्पल जॉच रिपोर्ट के निगेटिव प्राप्त होने से यह पुष्टि हो गयी है कि उनकी मृत्यु कोविड.19 से नहीं बल्कि अन्य बीमारी के कारण हुयी थी।
इस बीच विभाग द्वारा राज्य में कोरोना वाइरस संक्रमण के संदिग्ध मरीजों की सैम्पल जॉच की गति भी बढाई गयी है जिसके कारण आज 215 सैम्पलों की जॉच रिपोर्ट निगेटिव आयी है और केवल 265 सैम्पल की रिपोर्ट ही अपेक्षित हैए और यह सभी सैम्पल लैब में जॉच प्रकिया में भेजे गये हैं। आज की रिपोर्ट के अनुसार 2565 लोगों को फैसिलिटी क्वारेन्टाइन में रखा गया है जबकि 295 संदिग्ध मरीज हॉस्पिटल आईसोलेशन में रखे गये है। अपर सचिवए स्वास्थ्य श्री युगल किशोर पन्त ने यह भी बताया की क्वारेन्टाइन सेन्टर तथा राहत शिविरों में मनोचिकित्सकों द्वारा प्रभावित व्यक्तियों को उपचार एवं परामर्श देने का कार्य निरन्तर गतिमान है तथा आतिथि तक 18549 व्यक्तियों एवं प्रवासी मजदूरों की काउसिलिंग की गयी है।

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