देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सभी राज्यों के आयुष सचिव व निदेशकों के साथ कोविड-19 में आयुष पद्धति की भूमिका पर दिशा-निर्देश हेतु की गयी विडियो कांफ्रेंसिंग के उपरांत आज दिलीप जावलकर, सचिव, आयुष एवं आयुष शिक्षा, उत्तराखंड शासन द्वारा आयुष विभाग के समस्त उच्चाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की गई।
बैठक में आयुष विभाग द्वारा कोविड-19 आपदा में दिए जा रहे योगदान के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। सभी जनपदों के जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी व होम्योपैथिक अधिकारियों द्वारा कोविड-19 में आयुष चिकित्सा कर्मियों के योगदान के संबंध में अवगत कराया गया आतिथि राज्य भर में 929 आयुष चिकित्सा कर्मी क्वारंटाइन, आइसोलेशन वार्ड्स, होम सर्विलांस, कांटेक्ट ट्रेसिंग, चेकपोस्ट स्क्रीनिंग इत्यादि में कोविड-19 आपदा हेतु अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं व 1777 आयुष चिकित्सा कर्मी आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से कोविड-19 हेतु प्राशिक्षित किये जा चुके हैं. साथ ही 1600 से अधिक आयुष चिकित्सा कर्मी igot प्लेटफार्म पर रजिस्ट्रेशन कर कोविड-19 सम्बन्धी अतिरिक्त प्रशिक्षण ऑनलाइन भी ग्रहण कर रहे हैं।
सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा, उत्तराखंड द्वारा सभी अधिकारियों को अपने अधीनस्थ चिकित्सा कर्मियों को अनिवार्य रूप से आईगौट (igot.gov.in) प्लेटफार्म पर कोविड-19 संबंधी ट्रेनिंग लिए जाने हेतु व चिकित्सा कर्मियों के साथ साथ सामान्य जन को भी आरोग्य सेतु एप्लीकेशन के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। उनके द्वारा आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा दिए गए कोविड-19 से बचाव हेतु आयुष औषधियों के प्रयोग से सम्बंधित दिशा-निर्देशों के बारे में भी जानकारी दी गई।
श्री जावलकर द्वारा अवगत कराया गया कि कोविड-19 से बचाव के लिए आयुष औषधियां क्रय किए जाने हेतु आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा द्वारा सहयोग का आश्वासन दिया गया है व जल्द ही राज्य में कोविड-19 से बचाव हेतु आयुष औषधियों की किट जन सामान्य में वितरित की जाएगी। साथ ही आयुष मंत्रालय, भारत सरकार कोविड-19 की आयुष पद्धति चिकित्सा से संबंधित रिसर्च हेतु भी सहयोग प्रदान कर रही है।
अपर सचिव, आयुष एवं आयुष शिक्षा द्वारा सभी जनपदों के अधिकारियों से फील्ड कर्मियों में सुरक्षा किट वितरण किए जाने के संबंध में भी जानकारी ली गई व सभी फील्ड कर्मियों को तत्काल प्रभाव से सुरक्षा किट वितरित किए जाने हेतु निर्देशित कियाउनके द्वारा सभी सभी जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनपद में कोई भी ओपीडी पूर्णतः बंद न की जाए व ओपीडी में चिकित्सा अधिकारी / फार्मासिस्ट के माध्यम से जनसामान्य को आयुर्वेदिक चिकित्सा अवश्य प्रदान की जाए।
इसके अतिरिक्त बैठक में कोविड-19 से बचाव हेतु आयुष औषधियों की किट तैयार कर सामान्य जन में वितरण किए जाने हेतु कुलपति, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय व प्रबंधक, ऋषिकुल फार्मेसी के साथ विमर्श किया गया। 2 घंटे चली बैठक जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारियों व जिला होम्योपैथिक अधिकारियों की समस्याओं का निस्तारण करते हुए धन्यवाद ज्ञापन के साथ समाप्त हुई।
बैठक में श्री आनंद स्वरुप, अपर सचिव, आयुष एवं आयुष शिक्षा उत्तराखंड शासन / निदेशक, आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं उत्तराखंड, श्री राजेंद्र सिंह, निदेशक होम्योपैथी सेवाएं उत्तराखंड, प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी, कुलपति उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, श्री यतेन्द्र सिंह रावत, राज्य औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (आयुष), सभी जनपदों के जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी व जिला होम्योपैथिक अधिकारी सहित आयुष विभाग के 54 अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।