हरिद्वार/देहरादून, (गढ़वाल का विकास न्यूज)।जिलाधिकारी हरिद्वार सी0 रविशंकर की अध्यक्षता में कल कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय दिव्यांगता समिति की बैठक वीडियो कांफे्रंसिंग के माध्यम से आयोजित हुई।
बैठक में समाज कल्याण अधिकारी श्री नरेन्द्र यादव ने पिछली बैठक में दिव्यांगों के हित के लिये दिव्यांगता के अनुसार सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं-दिव्यांग पेंशन, छात्रवृत्ति आदि में अब तक की हुई प्रगति की जानकारी जिलाधिकारी को दी।
बैठक में उपस्थित विभिन्न दिव्यांग संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी समस्याओं को रखा। दिव्यांग संगठन के प्रतिनिधि श्री अमित ने जिलाधिकारी को बताया कि लस्कर क्षेत्र से 2017 में 293 लोगों ने यू0डी0आई0डी0 कार्ड बनवाने के लिये आवेदन कर दिया था, लेकिन अभी तक इन लोगों के यू0डी0आई0डी0 कार्ड नहीं बन पाये हंै। इस पर बैठक में उपस्थित मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि यह त्रुटि कहां से हुई है, चेक करा लेते हैं तथा हाथों-हाथ कार्ड बनवा देंगे। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इस तरह की कम्युनिकेशन गैप नहीं होनी चाहिये। आपको अपना पूरा प्रयास करना चाहिये।
बैठक में दिव्यांग प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को बताया कि पुलिस में दिव्यांगजनों के मामले प्राथमिकता से दर्ज नहीं होते हैं। इस पर पूर्व के मामलों में की गयी कार्रवाई का उदाहरण देते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह निराधार है।
बैठक में दिव्यांगों के प्रतिनिधियों ने अपनी कई अन्य समस्याओं की ओर भी जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने बताया कि खोखा-रेहड़ी के लिये प्राथमिकता दी जाय। इस पर समाज कल्याण अधिकारी ने कहा कि आवेदन करें तथा हमें भी सूचित करें। बैठक में संदीप अरोड़ा ने इण्टरप्रीटर की नियुक्ति का मामला उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि हमारी ओर से प्रस्ताव भेजा जा चुका है। विकलांग शादी के अनुदान देने की बात पर समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि आवेदन करें, बजट होने पर दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त दिव्यांगों के प्रतिनिधियों ने लस्कर-भगवानपुर के लिये रोडवेज की बस की व्यवस्था करने, रोजागार देने, दिव्यागजनों को ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने, सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का लाइसेंस देने, स्कूटी खरीदने के लिये ऋण या अनुदान देने, मूक-बधिरों के लिये स्कूल खोलने, भगवानपुर ब्लाक में सहायक समाज कल्याण अधिकारी नियुक्त करने सहित अन्य समस्यायें जिलाधिकारी के सामने रखी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे दिव्यांगजनों की जो भी समस्या हैं, जिस भी स्तर पर हंै, उनका निराकरण यथाशीघ्र करें।
बैठक में परियोजना निदेशक, डी0आर0डी0ए0, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हरिद्वार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, हरिद्वार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोवेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, विभिन्न दिव्यांग संगठनों के प्रतिनिधि तथा दिव्यांगों के लिये कार्य करने वाली संस्थाओं के हेड उपस्थित थे।