दुख और सुख जीवन की गाड़ी के दो पहिए : महामंडलेश्वर मैत्रीय अति गिरी

रुड़की/देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। महामंडलेश्वर मैत्रीय अति गिरी जी महाराज ने कहा कि बालक की प्रथम गुरु मां होती है। जीवन में दुखों का निवारण प्रभु के ही नाम में है। उनका यह भी कहना था कि दुख और सुख जीवन की गाड़ी के दो पहिए हैं।
डिफेंस कॉलोनी में चल रही भागवत कथा के अंतिम दिन महामंडलेश्वर मैत्रीय गिरी जी महाराज ने भक्तों को प्रवचन करते हुए कहा कि बालक की प्रथम गुरु उसकी मां होती है और जीवन में बच्चा अपनी मां से ही संस्कार सीखता है। उन्होंने कहा कि जीवन में कष्टों और दुखों का निवारण प्रभु के नाम जपने से होता है,इसलिए भक्तों को प्रभु नाम का स्मरण करना चाहिए।कथा में पहुंचे मेयर गौरव गोयल ने महामंडलेश्वर का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा मैत्रीय गिरी जी महाराज द्वारा मेयर गौरव गोयल को पटका आदि देकर सम्मानित किया गया। कथा के अंतिम दिन डिफेंस कॉलोनी स्थित उद्धत स्वरूप आश्रम में एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया,जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।इस मौके पर महंत विश्वास पुरी,शिवपुरी, गंगाराम शास्त्री,सीताराम कोटनाला,विनोद कुमार, विनोद गोयल,होमनाथ अविनाश त्यागी,प्रवीण मित्तल,अनूप शर्मा,मनोज तोमर,संजय उपाध्याय एड.,शुभम शर्मा तथा इमरान देशभक्त आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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