देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। पदमश्री वरिष्ठ साहित्यकार लीलाधर जगूड़ी ने शनिवार को श्री दरबार साहिब में मत्था टेका। उन्होंने श्री दरबार साहिब के श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से शिष्टाचार भेंट की व आर्शीवाद प्राप्त किया। दोनों केे मध्य साहित्य कला व संस्कृति से जुड़े कई समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
शनिवार सुबह 10ः00 बजे लीलाधर जगुड़ी श्री दरबार साहिब पहुंचे। लीलाधर जगूड़ी ने श्री दरबार साहिब की एतिहासिक पृष्ठभूमि, भित्ती चित्रों व आगामी दिनों में आयोजित श्री झण्डे जी मेले के आयोजन के सन्दर्भ में बातचीत की। उन्होंने एतिहासिक श्री झण्डे जी मेले से जुड़े अपने कई संस्मरण भी श्री महाराज जी के साथ सांझा किए। उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब व श्री झण्डे जी मेले के इतिहास के साथ देहरादून शहर की उत्पत्ति जुड़ी है। दूनवासी सौभाग्यशाली हैं कि हम सभी पर श्री गुरु राम राय जी महाराज का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है।
श्री महंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि लीलाधर जगूड़ी की काव्य भाषा हमेशा नया रचने केे लिए तत्पर दिखाई देती है। जो अब तक कहा और सुना नहीं गया कविताओं की व्यापकता अकथित को कहती हैं। कविता में भाषा नहीं बल्कि विचार महत्वपूर्णं होते हैं। इसके अलावा श्री महाराज जी ने श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के संस्कृति विभाग की ओर से लोक कला एवम् संस्कृति के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों के बारे में जानकारियाॅ सांझी की। इस अवसर पर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर श्री पुरोहित व श्री सुभाष भट्ट भी मौजूद थे।
काबिलेगौर है कि लीलाधर जगूड़ी हिन्दी साहित्य में जाने माने लेखकों में से एक हैं। राजस्थान और उत्तर प्रदेश के अलावा अनेक प्रान्तों और शहरों में उनके लिखित व रचित कविताओं व साहित्यों का नाम बेहद सम्मान कि साथ लिया जाता है। लीलाधर जगूडी को साहित्य अकादमी पुरस्कार, पद्मश्री सम्मान, रघुवीर सहाय सम्मान, भारतीय भाषा परिषद (कोलकाता) का सम्मान, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का नामित पुरस्कार, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का नामित पुरस्कार, साहित्य अकादमी की फेलोशिप पोएट एट रजिडेंस के अन्तर्गत पुरस्कृत कविता संग्रह का संयोजन आदि सम्मानों से नवाज गया है।