देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। उत्तराखंड सरकार ने प्राथमिक शिक्षकों की सेवा नियमावली में किये गये बदलाव को वापस लेने का निर्णय लिया है। अब बीएड टीईटी प्रशिक्षितों को पहले की ही तरह नौकरी के अवसर मिलेंगे। यानि सीनियरिटी तो बीएड के वर्ष की होगी, लेकिन मेरिट टीईटी की जोड़ी जाएगी।
बीएड टीईटी प्रशिक्षितों की मांग को देखते हुए सरकार नियुक्ति में बदलाव करने को सहमत हो गई है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने निर्देश दिए हैं कि प्राइमरी स्कूलों में बीएड प्रशिक्षितों की नियुक्ति में पुरानी व्यवस्था को फिर से बहाल किया जाए। इसके लिए कैबिनेट नोट तैयार करने को कह दिया गया है। उल्लेखनीय है कि गत नवम्बर में सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में बीएड प्रशिक्षितों को टीईटी की मेरिट के हिसाब से नियुक्तियां देने का फरमान सुना दिया था। इस आदेश के बाद वर्षो पहले बीएड कर चुके बेरोजगारों के सामने बहुत बड़ी दिक्कत आ गयी थी। बीएड प्रशिक्षितों ने उसके बाद ही लगातार आंदोलन चलाया हुआ है। समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने इस सम्बंध में निर्देश दिए कि तत्काल पुरानी व्यवस्था को बहाल करने का प्रस्ताव तैयार करें ताकि उसे जल्दी से जल्दी कैबिनेट में लाया जा सके।
नवोदय विद्यालयों में तैनात शिक्षक जाएंगे मूल पदों पर वापस
राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को अपनी मूल नियुक्ति पर वापस जाना होगा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त करने का निर्णय लिया है। वापस जाने के इस आदेश से लगभग 150 शिक्षक प्रभावित होंगे। शिक्षा मंत्री ने बताया कि राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों के रिक्त पदों पर वाक इन इंटरव्यू प्रक्रिया के तहत प्रशिक्षित बेरोजगारों को नियुक्ति देगी। केन्द्रीय विद्यालयों की तर्ज पर ये नियुक्तियां अस्थायी व्यवस्था के तहत दी जाएंगी