पहाड़-मैदान के विकास को संतुलन प्रदान करने में सहभागी बनें उद्यमी : CM रावत

निवेशकों ने राज्य सरकार का बढ़ाया उत्साह,  मुख्यमंत्री ने किया दो दिवसीय औद्योगिक शिखर सम्मेलन का उद्घाटन
हरिद्वार/देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भारतीय औद्योगिक परिसंघ और उत्तराखण्ड उद्योग द्वारा आयोजित दो दिवसीय औद्योगिक शिखर सम्मेलन का उद्घाटन कन्वेंशन हॉल बीएचईएल हरिद्वार में किया। इसके साथ ही सिडकुल स्थित होटल हाइफन में उत्तराखण्ड इंडस्ट्रियल समिट एक्जीविशन का उद्घाटन किया, जिसमें लगने वाली प्रदर्शनी में हीरो मोटोकार्प, भेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मुंजाल शोवा, शिवम औटोटेक, रॉकमैप इंडस्ट्रिज, जेएसजी इनोटेक, हेको मशीनरी, गार्डनर डेनवॉर, आइटीसी, टपरवेयर, सिडबी, सिंफनी आदि जैसी बड़ी नामी कंपनियों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि अभी तक उत्तराखण्ड मे पहाड़ के लिए 40 हजार करोड़ रूपये से अधिक के एमओयू पर निवेशकों द्वारा हस्ताक्षर किये जा चुके हैं। निवेशकों ने राज्य सरकार का उत्साह बढ़ाया है। उत्तराखण्ड एक पर्वतीय राज्य है, समझौतों के लिए निवेशक पहाड़ो में भी उद्योग लगाने के लिए उत्साहित दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के वन क्षेत्र का 27 प्रतिशत क्षेत्र चीड़ वृक्ष से आच्छादित है, जिससे विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट बन रहे हैं। राज्य के संतुलित विकास के लिए आवश्यक है कि पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिले। राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। उद्यमी पहाड़ के लिए अपने विशेष और नये आइडिया से पहाड़ और मैदान के विकास को संतुलन प्रदान करने में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री ने कहा हमारा प्रयास पहाड़ की पर कैपिटा इनकम बढ़ा कर मैदान और पर्वतीय जिलों की आय विषमता को दूर करना है। पर्यटन को इसी क्रम में उद्योग का दर्जा दिया गया है। एमएसएमई में सरकार ने जिलाधिकारियों को निवर्तन अधिकार दिये, ताकि छोटे उद्यमियों को देहरादून के लिए भागना न पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति उद्योगों के लिए अत्यधिक अनुकूल है। राज्य में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए ’निवेश संवर्द्धन एवं सुविधा केंद्र’ गये हैं। भारत सरकार ने जीएसटी की दरों में संशोधन कर उद्योग जगत को सकारात्मक संदेश दिया है वैसे ही राज्य सरकार ने ईज ऑफ डूइंग के तहत सिंगल विन्डो सिस्टम लागू कर यूजर फ्रेंडली माहौल दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिश्रम एवं ईमानदारी उत्तराखण्ड राज्य की पहचान है। हर उद्योग के लिए अनुकूल कानून व्यवस्था यहां प्रदान की जाती है। उन्होंने उद्यमियों से आह्वान करते हुए कहा कि पर्यटन एवं होटल व्यवसाय तथा एडवेंचर आदि की विशेष संभावनाओं को देखते हुए भविष्य में इस क्षेत्र में तेजी से कार्य कर सकते हैं। यहा ऑल वेदर बनने से रोड और जौलीग्रांट के इण्टरनेशल एअरपोर्ट कनेक्टिीविटी हिसाब से आने वाला समय अत्यंत अनुकूल होगा। कैबिनेट मंत्री श्री कौशिक ने कहा कि आने वाले कुंभ 2021 में इंडियन ऑयल कंपनी सहयोग दे रही है, आप सभी अपनी तकनीकी क्षमता के हिसाब से सहयोग करें। जीएसटी की नयी दरों से उद्योगों को लाभ होगा। औद्योगिक शिखर सम्मेलन में विभिन्न राज्य से आए लोगों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर कैबीनेट मंत्री मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चैहान, ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर, विधायक रूड़की प्रदीप बत्रा, प्रिंसीपल सेक्रेटरी मनीषा पंवार आदि उपस्थित थे।

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