देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवाकेन्द्र सुभाष नगर देहरादून के सभागार में आयोजित सत्संग में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी मंजू बहन ने उपस्थित जनसमूह को जीवन को सुंदर बनाने का सहज तरीका बताया।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे सामने से हमारी तरफ़ काली गेंद आ रही है। मतलब कोई हमसे ईष्र्या करता है या नीचा गिराने की कोशिश करता है या हमारे काम में विघ्न डालता है या हमसे झूठ बोलता है या हमें भला-बुरा, अपशब्द, ग़लत बात कहता है, आदि, तो ये छोटी-छोटी काली गेंद हैं, कोई बड़ी गेंद भी हो सकती हैं। किसी से भी ऐसी गेंदें आ सकती हैं- घर-परिवार, मित्र-संबंधी, व्यवसाय-संपर्क…
अब यह निर्णय लेना है कि वहाँ से जो गेंद आ रही है, वह काली क्यों है? क्योंकि मैंने कभी न कभी काली गेंद भेजी थी जो अब वापस आ रही हैै। यानि अब जो मेरे साथ हो रहा है, वह ठीक हो रहा है। वो लोग जो कर रहे हैं, वो बिल्कुल ठीक है। जब हम ऐसा सोचेंगे, तो वही लोग कितने अच्छे लगने लगेंगे। यह समझ की बात है।
उन्होंने कहा कि अब हमें यह नहीं पता कि वो लोग हमारी ओर कितनी काली गेंदें फेकेंगे। बस हमें यह ध्यान रखना है कि हमारी तरफ़ से कोई भी काली गेंद उनकी ओर न जाये। उन्होंने कहा कि हम जैसा भेजेंगे, वैसा ही उधर से आयेगा। वहाँ से काली आयेगी, हम सफ़ेद भेजेंगे। वो हमारे साथ गलत करेंगे, हम उनके लिये दुआ करेंगे। धीरे-धीरे उनके पास काली गेंदेें समाप्त हो जायेंगी। और वहाँ से भी सफ़ेद गेंदें आनी शुरू हो जायेंगी।
उनका कहना था कि राजयोग से हमें शक्ति मिलती है कि हमारे उत्तर, व्यवहार, प्रतिक्रियायें सफ़ेद गेंदों के रूप में हों, काली नहीं। और जीवन सहज और सुंदर हो जाता है। इस अवसर पर पदमा, प्रियंका, पुष्पा, विजय, राकेश, ममता, सुरेन्द्र, सरोजिनी, उषा, रेणू, विजयलक्ष्मी आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।