भूस्खलन से अवरूद्ध सड़क और बाढ नियंत्रण का तीव्र रिस्पांस टाइम सुनिश्चित हो : जिलाधिकारी

देहरादून, (गढ़वाल का विकास न्यूज)। भूस्खलन से अवरूद्ध सड़क और बाढ नियंत्रण का तीव्र रिस्पांस टाइम सुनिश्चित हो। यह निर्देश जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कैम्प कार्यालय से वीडियो कान्फ्रेसिंग से जुड़े विभिन्न उप जिलाधिकारियों, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, सिंचाई विभाग और नगर निकाय के अधिकारियों को दिये।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिये कि चकराता, कालसी, त्यूनी, लाखामण्डल, नागथात और मसूरी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून काल में भूस्खलन के चलते सड़क मार्ग अवरूद्ध होने की समस्याएं अधिक होती हैं, जिसको तेजी से सुचारू करने के लिए पहले से ही उचित लोकेशन में जेसीबी, और अन्य उपकरणों सहित पर्याप्त मानवीय और अन्य संसाधन तैनात कर दिये जाय, जिससे अवरूद्ध सड़क मार्ग को खोलने का रिस्पांस टाइम तीव्र हो सके। लैण्डस्लाइड के लिए अधिक सभांवित क्षेत्र में 100 मीटर आगे और 100 मीटर पीछे साईन बोर्ड लगा हो जिसमें जेसीबी आपरेटर के साथ-साथ लो.नि.वि के अधिशासी अभियन्ता का मोबाईल , नम्बर भी अंकित हो, जिससे सड़क अवरूद्ध होने पर तत्काल सम्पर्क किया जा सके। पहाड़ी सड़क मार्गों में बैरियर व पब्लिक सूचना पट ऐसे स्थान पर लगायें जहां पब्लिक के लिए जलपान इत्यादि की भी व्यवस्था हो। इसके अतिरिक्त उन्होंने निर्देश दिये कि मौसम विभाग की भारी बरसात की पूर्व चेतावनी के समय कालसी-चकराता-त्यूनी मार्ग पर रात के समय आवागमन बैरियर लगाकर रोका जाय, ताकि भूस्खलन से कोई अप्रिय घटना न घटे। उन्होंने सभी उप जिलाधिकरियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ नियंत्रण कक्ष व चैकी में लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग  व सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कार्मिकों के दूरभाष न0 सहित उनके द्वारा विभिन्न प्वांईट पर तैनात किये गये संसाधनों का भी विवरण रखें। इसके अतिरिक्त बाढ चैकियों में 24 घण्टे के लिए सिंचाई विभाग के एक कार्मिक की तैनाती भी करें।मैदानी क्षेत्रों में बाढ और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग , राष्ट्रीय राजमार्ग व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क के गड्डे व पेचवर्क ठीक कर दिये जाय तथा जहां पर पानी अवरूद्ध होने की संभावना हो वहां पर आवश्यकतानुसार नाली बना ली जाय अथवा तीव्र ढाल बनाया जाय। साथ ही नगर निगम और समस्त नगर पालिका परिषदों को निर्देश दिये कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नदी, नालों, नालियों और विभिन्न सम्पर्क मार्गों की नियमित सफाई करते रहें, जिससे जलभराव की समस्या ना रहे। इसके अतिरिक्त सभी निकाय अपने-अपने क्षेत्रों में वार्डवार नियमित रूप से फाॅगिंग करेंगे, चूने का छिड़काव करते रहेंगे और एण्टी डेंगू अभियान को लगातार चलायमान बनाये रखेंगे। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को रिस्पना व बिन्दाल नदियों की सफाई करने को कहा ताकि पानी की सुगम निकासी सुनिश्चित हो सके । स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ नगर निगम को निर्देशित किया कि गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अनिवार्य रूप से डेंगू के 70 प्रतिशत् मामले कम आयें, ऐसे प्रयास किये जाय।
इस दौरान कैम्प कार्यालय में अपर जिलाधिकारी वि/रा बीर सिंह बुदियाल तथा विभिन्न क्षेत्रों से उप जिलाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग के विभिन्न खण्ड के अधिशासी अभियन्ता व नगर निगम के अधिशासी अधिकारी उपस्थित थे।

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