माता सविन्दर हरदेव की पावन स्मृति में निरंकरी भक्तों ने याद किया उनके उपकारों को

देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। माता सविन्दर हरदेव की पावन स्मृति में रविवार को एक विशेष सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान निरंकारी भक्तों ने उनके उपकारों को याद किया। 5 अगस्त, 2018 को सत्गुरू माता सविन्दर हरदेव जी महाराज अपने इस नश्वर शरीर को त्यागकर ब्रहमलीन हुई। 13 मई, 2016 को बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के आकस्मिक निधन पर सविन्दर माता जी ने मिशन की बागडोर को सम्भाला।
दो वर्षो की उनकी सेवाओं का जिक्र करते हुए आज के इस सत्संग कार्यक्रम की अध्यक्षता मसूरीे जोन के जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह ने सविन्दर माताजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सविदर माता जी का जन्म 1957 में हुआ। उनकी पढाई फरूखाबाद, मसूरी और दिल्ली में हुई। 1975 में बाबा हरदेव सिंह जी के साथ उनका विवाह हुआ। सन् 1980 से 2016 तक बाबा हरदेव सिंह जी के साथ 36 वर्षो तक कदम से कदम मिलाकर सेवारत रही। 17 मई, 2016 को सत्गुरू रूप में प्रकट होकर मिशन की सेवा की। सत्गुरू माता सविन्दर हरदेव सिंह जी ने बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की शिक्षाओं को निरन्तर आगे बढाने पर जैसे प्यार सजाता है गुलशन को और नफरत विरान करें आदि पर बल दिया।
आज इस सत्संग कार्यक्रम में अनेकों सन्तों ने अपने विचार रखें। मुख्य रूप से स्थानीय संयोजक कलम सिंह रावत जी ने कहा कि सविन्दर जी ने इस भवन के निर्माण कार्यो की नींव अपने कर कमलों से रखी थी। संचालक मंजीत सिंह  ने भी माता जी के उपकारों को याद करते हुए कहा कि हम सब मिलजुल कर गुरू के वचनों अपने जीवन में उतारें। नरेश बिरमानी, के0आर0भारती, इन्द्रा नकोटी, अशोक जी, हेमलता सोलंकी, अनिता काम्बोज, अमित नेगी, शशि क्षेत्री, जिया जी, मुकेश बांगर ने अपने गीतों एवं प्रवचनों से संगत का निहाल किया। मंच संचालन बहन श्याणी जी ने किया। समस्त साध संगत को लंगर वितरण किया गया।

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